
नेशनल अर्बन रियल एस्टेट कॉन्क्लेव में राजस्थान मॉडल सम्मानित: डॉ रश्मि शर्मा ने ग्रहण किया सम्मान
अफोर्डेबल हाउसिंग और TOD नीति को मिली राष्ट्रीय सराहना
अफोर्डेबल हाउसिंग में गुणवत्ता और समयबद्ध डिलीवरी पर राजस्थान आवास मंडल का फोकस
जयपुर की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति बनी आकर्षण का केंद्र
रियल एस्टेट सेक्टर को नीति समर्थन से ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में जोर
संदीप,
दिल्ली,dusrikhabar.com। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल अर्बन रियल एस्टेट कॉन्क्लेव में राजस्थान सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग, गुणवत्ता सुधार और स्किल डवलपमेंट पहलों को व्यापक सराहना मिली। इस राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान ने न केवल आवासीय योजनाओं का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया, बल्कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और कॉरिडोर आधारित शहरी विकास मॉडल को भी मजबूती से रखा।
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राजस्थान आवास मंडल की उपलब्धियां और प्रतिबद्धता

डॉ रश्मि शर्मा, आवासन मंडल आयुक्त
13 फरवरी 2026 को नारेडको (नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में राजस्थान आवासन मंडल की आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने राज्य की आवासीय पहलों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि एक स्वायत्त संस्था के रूप में मंडल ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह समर्पित है।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में राजस्थान आवासन मंडल का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। विभिन्न आय वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास तैयार करने के साथ-साथ उन्हें तय समयसीमा में लाभार्थियों तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
स्किल डवलपमेंट और क्वालिटी कंट्रोल पर फोकस
आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि नए भर्ती कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशानुसार स्किलिंग को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित क्वालिटी चेक्स किए जा रहे हैं और भुगतान प्रणाली को भी गुणवत्ता मानकों से जोड़ा गया है, ताकि निर्माण कार्य में उच्च स्तर की पारदर्शिता और मानक सुनिश्चित हो सकें।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल मकान निर्माण नहीं, बल्कि लोगों के सपनों को साकार करना है और एक ऑटोनोमस बॉडी होने के नाते जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जयपुर की TOD नीति और कॉरिडोर आधारित विकास मॉडल
इसी कॉन्क्लेव के सतत विकास सत्र में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के सचिव निशांत जैन ने ट्रांजिट आधारित शहरी विकास की अवधारणा पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई राजस्थान TOD नीति शहरी विस्तार के लिए निर्णायक साबित होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जयपुर मेट्रो फेज़-2 के साथ ट्रांजिट उन्मुख विकास को आगे बढ़ा रही है, जिससे शहर में सुव्यवस्थित और संतुलित विकास संभव हो सके।
निशांत जैन ने जेडीए के ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड के माध्यम से लागू की जा रही कॉरिडोर आधारित शहरी मोबिलिटी रणनीति का मॉडल भी प्रस्तुत किया। यह मॉडल जयपुर में यातायात प्रबंधन और भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

रियल एस्टेट सेक्टर और विकसित भारत 2047 का विजन
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में नारेडको के प्रेसिडेंट प्रवीण जैन ने कहा कि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो उद्योग को मजबूत आधार प्रदान करें। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान दोगुना किया जा सकता है, जिससे भारत वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त कर सके।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शहरी भारत के विकास पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है, ताकि इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे, जहां वास्तविक भारत बसता है।
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