
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राजस्थान टॉप-5 में
कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2 पर सचिवालय में अहम बैठक
अनावश्यक नियमों के खात्मे से उद्योगों और स्टार्टअप्स को मिलेगी बड़ी राहत
निवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। व्यापार और उद्योग स्थापना को आसान बनाने की दिशा में राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कंप्लायंस रिडक्शन के क्षेत्र में प्रभावी सुधारों के चलते राजस्थान देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हो गया है।
इसी क्रम में मंगलवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2 के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। बैठक में कैबिनेट सचिव (समन्वय) डॉ. मनोज गोविल सहित भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
read also: कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 21 जनवरी, बुधवार, 2026

फेज-2 अनावश्यक नियमों को खत्म करने में होगा कारगर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में राजस्थान सरकार ने व्यापार और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। भारत सरकार के कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-1 में चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
read also:RCDF का स्वर्ण युग… कोटा को जल्द अत्याधुनिक पशु आहार संयंत्र की सौगात
उन्होंने बताया कि राज्य की निवेश अनुकूल नीतियों के चलते राइजिंग राजस्थान अभियान के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से मात्र एक वर्ष में ही 8 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर कार्य शुरू हो चुका है। मुख्य सचिव ने विश्वास जताया कि फेज-2 में भी राजस्थान देश के लिए उदाहरण बनेगा।

फेज-1 में राजस्थान का प्रदर्शन रहा उत्कृष्ट
कैबिनेट सचिवालय के सचिव (समन्वय) डॉ. मनोज गोविल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन सुधार प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव हैं। इनका उद्देश्य अनावश्यक नियमों, जटिल प्रक्रियाओं और बार-बार अनुमति लेने की बाध्यता को समाप्त करना है।
read also:राजस्थान में सोना 1.50 लाख: चांदी 3.12 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंची, जानिए आज के भाव
उन्होंने बताया कि इन सुधारों से स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नए उद्यमियों को विशेष लाभ मिलेगा, क्योंकि इससे समय, लागत और संसाधनों की बचत सुनिश्चित होगी। डॉ. गोविल ने कहा कि राजस्थान ने फेज-1 में सभी 23 क्षेत्रों में कार्य पूरा कर यह साबित किया है कि राज्य सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम है।

निवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, फेज-2 पर फोकस
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने कहा कि राज्य में निवेश प्रक्रिया को अत्यंत सरल बना दिया गया है और इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। कई पुराने कानूनों और प्रावधानों में संशोधन कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूती दी गई है।
read also:इंडिया स्टोनमार्ट 2026 की तैयारियों पर एसीएएस की समीक्षा
उन्होंने बताया कि इन्हीं सुधारों के कारण राजस्थान आज कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। फेज-2 के तहत निर्धारित कई लक्ष्यों को राज्य सरकार पहले ही सरल कर चुकी है, जबकि शेष प्रक्रियाओं पर कार्य जारी है। अब केंद्र सरकार द्वारा तय लक्ष्यों के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ा जाएगा।
इन क्षेत्रों में और सरल होंगी प्रक्रियाएं
बैठक में बताया गया कि फेज-2 के अंतर्गत भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण, यूटिलिटीज़, विभिन्न अनुमतियां, विद्युत, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े उद्योगों की स्थापना प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, आनंद कुमार, प्रवीण गुप्ता, दिनेश कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
————–
#Rajasthan Business, #Ease of Doing Business, #Compliance Reduction, #Deregulation Phase 2, #Startup India, #MSME, #Rajasthan Investment, Ease of Doing Business, Compliance Reduction, De-Regulation Phase-2, Rajasthan Investment Policy, Industry Establishment, Startups, MSME
