राजस्थान दिवस 2026 होगा यादगार, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने दिए निर्देश

राजस्थान दिवस 2026 होगा यादगार, मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने दिए निर्देश

वृहद स्तर पर मनाया जाएगा राजस्थान दिवस 2026

पर्यटन और संस्कृति विभाग को मुख्य सचिव के निर्देश

सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

पर्यटन विभाग और कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग की तैयारियों पर चर्चा

जयपुर में होगा कला एवं संस्कृति आधारित एक दिवसीय चिंतन शिविर

पर्यटन नीति 2025 और राजस्थान फिल्म प्रोत्साहन नीति-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

विजय श्रीवास्तव,

जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान में आगामी राजस्थान दिवस 2026 (19 मार्च 2026) को इस बार ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग तथा कला, साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता और आयुक्त पर्यटन रुक्मणि रियाड़ सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस वर्ष राजस्थान दिवस को पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए, जिसमें प्रदेश की विविध लोक एवं शास्त्रीय कलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों को व्यापक मंच प्रदान किया जाए।

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राजस्थान दिवस 2026: कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए इस बार राजस्थान दिवस 2026 को विशेष रूप से डिज़ाइन किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग जयपुर में उनकी उपस्थिति में कला और संस्कृति पर आधारित एक दिवसीय चिंतन शिविर का भव्य आयोजन करे। इस शिविर में सांस्कृतिक संरक्षण, नवाचार और वैश्विक प्रस्तुति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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राइजिंग राजस्थान और पर्यटन की उपलब्धियों की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने राइजिंग राजस्थान में राजस्थान पर्यटन के प्रदर्शन की जानकारी ली और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान पर्यटन विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और सोशल मीडिया पर इसकी दृश्यता (Visibility) प्रभावशाली रही है।

उन्होंने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राजस्थान पर्यटन विभाग में कार्य करना गर्व की बात है और सभी अधिकारी नई ऊर्जा के साथ कार्य करें।

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घरेलु पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि…! 

इस मौके पर आयुक्त पर्यटन रुक्मणि रियाड़ ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि राज्य में पर्यटन नीति 2025 लागू हो चुकी है तथा नई राजस्थान फिल्म प्रोत्साहन नीति-2025 भी जारी की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान में 9 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं और इस वर्ष घरेलू पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग मार्केटिंग सेगमेंट में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और घरेलू के साथ-साथ विदेशी पर्यटन प्रमोशन पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। राजस्थान पर्यटन का यूट्यूब चैनल देशभर में चौथे स्थान पर है, जो विभाग की डिजिटल उपस्थिति को दर्शाता है। पर्यटक सुरक्षा बल के सुदृढ़ीकरण और महिला सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने की भी जानकारी दी गई।

संस्कृति, साहित्य और पुरातत्व के संरक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने राज्य के कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान का सांस्कृतिक वैभव और गौरवशाली इतिहास विश्वभर में पहचान रखता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य की भाषा, साहित्य और कला से संबंधित प्रत्येक अकादमी वर्ष में कम से कम एक बड़ा आयोजन अवश्य करे। उन्होंने कम से कम 15 अग्रणी लेखकों की विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों के प्रकाशन के निर्देश भी दिए।

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मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान देश का ऐसा राज्य है जहां साहित्य, कला और संस्कृति के प्रत्येक आयाम के लिए अलग-अलग संस्थाओं का गठन किया गया है। इन संस्थाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों को और सशक्त बनाया जाए।

उन्होंने रवीन्द्र मंच और जवाहर कला केन्द्र में आयोजित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदर्शन कलाओं से जुड़े कलाकारों को बड़े स्तर पर मंच और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया।

मुख्य सचिव ने पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभागों में रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने तथा विभागीय पदोन्नति के माध्यम से पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।

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बैठक में आयोजन से जुड़े ये अधिकारी रहे मौजूद 

बैठक में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पर्यटन एकता काबरा, उप सचिव पर्यटन सुरेश बुनकर, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन पवन जैन, संयुक्त निदेशक पर्यटन राजेश शर्मा, संयुक्त निदेशक पर्यटन दलीप सिंह राठौड़, उप शासन सचिव कला, साहित्य एवं संस्कृति अनुराधा गोगिया, निदेशक पुरातत्व विभाग पंकज धरेन्द्र, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम रतन शर्मा, निदेशक राजस्थान राज्य अभिलेखगार, बीकानेर चंद्रसेन शेखावत, सचिव राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर बसंत सिंह सोलंकी, निदेशक अरबी फारसी शोध संस्थान, टोंक,  भूपेंद्र कुमार यादव, जयपुर कत्थक केन्द्र सचिव श्रुति मिश्रा, राजस्थानी भाषा, साहित्य संस्कृति अकादमी, बीकानेर शरद केवलिया, भारतीय लोक कला मण्डल उदयपुर, टीसी मारवा, निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर लता श्रीमाली, सचिव राजस्थान ललित कला अकादमी रजनीश हर्ष, सचिव पंजाबी अकादमी एन पी सिंह, सचिव राजस्थान संगीत नाटक अकादमी गोमती शर्मा तथा अन्य समन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। 
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