
मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर में जन AI राउंडटेबल और ऐतिहासिक MoU
हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन और मणिपाल यूनिवर्सिटी के बीच MOU
शोध और क्षमता निर्माण पर सहयोग
सामाजिक कल्याण के लिए एआई एजेंडे को मिली दिशा
MUJ में जन AI राउंडटेबल, ग्रामीण भारत के लिए समावेशी एआई पर मंथन
‘डिजिटल चरखा’ मॉडल से आत्मनिर्भर गांवों की ओर एआई की पहल
नवीन सक्सेना,
जयपुर,dusrikhabar.com। मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (MUJ) में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट – प्री-समिट सीरीज़ के तहत आयोजित जन AI राउंडटेबल ने सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के लिए समावेशी, विकेन्द्रीकृत और समुदाय-नेतृत्व वाले एआई को लेकर एक सशक्त रोडमैप प्रस्तुत किया। इस अवसर पर हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन और मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे शोध, क्षमता निर्माण और जमीनी स्तर पर एआई के प्रभावी उपयोग को औपचारिक सहयोग मिला।
read also: कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 7 जनवरी, बुधवार, 2026
ग्रामीण भारत के लिए AI को बनाया जाएगा सुलभ
जन AI राउंडटेबल में राष्ट्रीय और वैश्विक विचारक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और जमीनी कार्यकर्ता एक मंच पर जुटे। चर्चा का फोकस इस बात पर रहा कि ग्रामीण भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को कैसे सुलभ, प्रासंगिक और उपयोगी बनाया जाए, ताकि गांव केवल तकनीक के उपभोक्ता न रहकर सह-निर्माता बन सकें। वक्ताओं ने कहा कि AI for All की अवधारणा तभी सार्थक होगी जब स्थानीय जरूरतों और ज्ञान को केंद्र में रखा जाए।

read also:NSE केमिस्ट्री में ALLEN जयपुर से देश के टॉप 300 में 17 छात्रों का चयन
‘डिजिटल चरखा’ से आत्मनिर्भरता की दिशा
हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन द्वारा परिकल्पित जन AI को ग्रामीण भारत में एआई के लोकतंत्रीकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बताया गया। यह पहल ग्राम स्वराज, स्वदेशी नवाचार और स्थानीय आजीविका को सशक्त करने वाले ‘डिजिटल चरखा’ मॉडल पर आधारित है, जहां समुदाय स्वयं नवाचार के जरिए समाधान गढ़ता है। इससे गरिमा, आत्मनिर्भरता और रोजगार-योग्यता को नई ताकत मिलने की बात कही गई।
विश्वविद्यालयों की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम का स्वागत करते हुए MUJ के कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को उन्नत शोध और जमीनी वास्तविकताओं के बीच सेतु बनना चाहिए, ताकि AI के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचें। उन्होंने इस सहयोग को राष्ट्र-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
read also:285KM रेंज… 50 मिनट में चार्ज! महिंद्रा की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार लॉन्च
वैश्विक विशेषज्ञों ने रखे विचार
मुख्य भाषण में एमआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर और कैमरा कल्चर रिसर्च ग्रुप के प्रमुख प्रो. रमेश रस्कर ने विकेन्द्रीकृत और संदर्भ-संवेदनशील एआई संरचनाओं की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय बुद्धिमत्ता वैश्विक ज्ञान नेटवर्क से जुड़ती है, तभी AI-प्रथम गांव संभव होते हैं।
डिज़ाइन रणनीतिकार दीपा प्रह्लाद, कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजीव गुप्ता और विप्रो जयपुर के लोकेशन हेड योगेश अग्रवाल ने मानव-केंद्रित डिज़ाइन, इकोसिस्टम सहयोग और उद्योग सहभागिता को एआई के सफल क्रियान्वयन की कुंजी बताया।
जमीनी बदलाव की मिसाल: सीरोही के छात्रों के अनुभव
राउंडटेबल का खास आकर्षण सिरोही के आदर्श गांव के छात्रों के अनुभव रहे। छात्रों ने बताया कि व्यावहारिक एआई कौशल सीखने से उनका आत्मविश्वास और रोजगार-योग्यता कैसे बढ़ी—यह समुदाय-नेतृत्व वाली एआई पहलों की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाता है।

MoU से औपचारिक सहयोग
कार्यक्रम का समापन हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन और मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ हुआ। इसके तहत शोध, क्षमता निर्माण और समुदाय-नेतृत्व वाले एआई कार्यक्रमों पर संयुक्त कार्य किया जाएगा। MUJ की प्रोवोस्ट डॉ. नीतू भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए इसे समावेशी और सहभागी AI भविष्य की दिशा में अहम कदम बताया।
——————
#JanAI, #ManipalUniversityJaipur, #AIForAll, #RuralAI, #DigitalCharkha, #IndiaAI, #SocialWelfare, People AI, Manipal University Jaipur, AI for All, AI in Rural India, Digital Charkha, Head Held High Foundation, AI Impact Summit
