
एशिया के सबसे बड़े ट्रेवल एक्सपो में नूपुर संस्थान की बधिर समाज के लिए सशक्त पहल
‘संवाद कनेक्ट’ ने बधिर समुदाय के लिए पेश किया डिजिटल समाधान
SATTE 2026 में समावेशी पर्यटन की गूंज
‘संवाद कनेक्ट’ लाइव वीडियो इंटरप्रेटर सेवा का राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन
RPWD Act 2016 के तहत पर्यटन स्थलों को सुलभ बनाने पर जोर
जयपुर,dusrikhabar.com। भारत एवं एशिया के सबसे बड़े ट्रेवल एक्सपो Asia’s Travel and Tourism Exchange (SATTE) के प्रतिष्ठित मंच पर इस वर्ष समावेशी पर्यटन (Inclusive Tourism) की अवधारणा ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। नूपुर संस्थान की ओर से बधिर समुदाय के लिए देश की पहली निशुल्क लाइव वीडियो इंटरप्रेटर सेवा संवाद कनेक्ट का प्रभावशाली डेमो देशभर से आए विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पहल ने पर्यटन क्षेत्र में समान अवसर और सुलभता के नए आयाम स्थापित किए।
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‘संवाद कनेक्ट’ ने दिखाया तकनीक से समावेशन का रास्ता
कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़, कलरफुल डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया के एमडी संदीप जांगिड़, राजस्थान रूट्स के राजेन्द्र सिंह तथा संवाद कनेक्ट सेवा के संस्थापक मनोज भारद्वाज विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संवाद कनेक्ट लाइव वीडियो इंटरप्रेटर सेवा वर्तमान में देश के 7 राज्यों में संचालित है, जहां यह बधिर समुदाय को पुलिस और न्याय व्यवस्था तक निशुल्क एवं त्वरित संचार सुविधा प्रदान कर रही है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बधिर व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से प्रमाणित सांकेतिक भाषा दुभाषिये से तुरंत जुड़ सकते हैं और शासकीय सेवाओं तक सहज पहुंच बना सकते हैं।
यह पहल पर्यटन क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, जहां अक्सर बधिर पर्यटकों को भाषा और संचार की बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
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RPWD Act 2016 और पर्यटन की जिम्मेदारी
भारत सरकार के Rights of Persons with Disabilities Act (RPWD Act 2016) की धारा 40, 41 और 46 के तहत सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, सूचना एवं संचार प्रणालियों को दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाना अनिवार्य है।
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पर्यटन स्थलों, होटल, संग्रहालय, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर—
सांकेतिक भाषा दुभाषिया सुविधा
डिजिटल सूचना की सुलभ उपलब्धता
आपातकालीन सेवाओं में संचार सहायता
प्रशिक्षित एवं संवेदनशील स्टाफ
जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की वैधानिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। समावेशी पर्यटन की दिशा में संवाद कनेक्ट एक व्यवहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे बधिर पर्यटक बिना किसी अवरोध के भारत के पर्यटन अनुभव का समान अधिकार से लाभ उठा सकें।
भविष्य की दिशा: भारत बने Accessible Tourism Destination
नूपुर संस्थान का लक्ष्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर बधिर समुदाय के लिए पूर्णतः बाधामुक्त वातावरण तैयार करना है। Inclusive Tourism India की अवधारणा न केवल सामाजिक न्याय का प्रतीक है, बल्कि यह भारत को वैश्विक स्तर पर Accessible Tourism Destination के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।
संस्थान ने पर्यटन विभागों, होटल उद्योग, ट्रेवल ऑपरेटर्स और सरकारी संस्थानों से आह्वान किया है कि वे RPWD अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए बधिर समुदाय के लिए सम्मानजनक और सुलभ सेवाओं को प्राथमिकता दें। “समावेशी पर्यटन ही सशक्त भारत की पहचान है।”
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