
महाशिवरात्रि, वामेश्वर महादेव मंदिर में सहस्रचंडी-महारुद्र यज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार..
1200 साल पुराने मंदिर में महायज्ञ की विराट तैयारी
वामेश्वर महादेव मंदिर में 10 लाख आहुतियों से सहस्रचंडी-महारुद्र महायज्ञ
125 ब्राह्मण करेंगे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ
वामेश्वर महादेव मंदिर बनेगा आस्था का केंद्र, 7 दिन चलेगा महायज्ञ
महाशिवरात्रि पर पूर्णाहुति, नगर भ्रमण और रात्रि जागरण
सहस्रचंडी महायज्ञ में होंगे दुर्गा सप्तशती के 1000 पाठ
1331 रुद्राभिषेक से संपन्न होगा महारुद्र यज्ञ
सुश्री सोनिया,
उदयपुर,dusrikhbar.com। उदयपुर के धार्मिक और आध्यात्मिक मानचित्र पर एक बार फिर भव्य आयोजन की गूंज सुनाई देने वाली है। उदयपुर शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर गोगुंदा रोड स्थित पालड़ी गांव में स्थित 1200 साल पुराने वामेश्वर महादेव मंदिर में पंचकुंडात्मक सहस्रचंडी एवं महारुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस महायज्ञ में 10 लाख आहुतियां दी जाएंगी और 125 विद्वान ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराएंगे।
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महाशिवरात्रि तक चलेगा महायज्ञ
बड़गांव क्षेत्र के पालड़ी स्थित इस प्राचीन मंदिर प्रांगण में यह भव्य आयोजन 9 फरवरी से 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। यह महायज्ञ हर वर्ष भव्य स्तर पर आयोजित किया जाता है, जिसमें उदयपुर शहर के आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज से श्रद्धालु भाग लेते हैं।
सहस्रचंडी और महारुद्र का विधिवत आयोजन
आयोजन मंडल के अनुसार, मुख्य यज्ञाचार पवन कुमार आमेटा के आचार्यत्व में यह अनुष्ठान संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि सहस्रचंडी महायज्ञ के अंतर्गत दुर्गा सप्तशती के 1000 पाठ, दशांश हवन और तर्पण एवं मार्जन जैसे वैदिक कर्मकांड संपन्न होंगे। इसके साथ ही 1331 रुद्राभिषेक और हवनात्मक स्वाहाकार के माध्यम से महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह संपूर्ण अनुष्ठान पंचकुंड परंपरा के अनुसार किया जाएगा।
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10 लाख आहुतियां, श्रद्धालुओं में उत्साह
आयोजकों ने बताया कि इस महायज्ञ में कुल 10 लाख आहुतियां दी जाएंगी। आयोजन को लेकर आसपास के गांवों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण है। भक्तजन तन, मन और धन से सहयोग कर इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
पूर्णाहुति, नगर भ्रमण और महाप्रसादी
महायज्ञ की पूर्णाहुति 15 फरवरी, महाशिवरात्रि को दोपहर 12:15 बजे होगी। पूर्णाहुति के बाद भगवान का नगर भ्रमण और रात्रि जागरण का आयोजन होगा।
16 फरवरी को महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। पूरे आयोजन काल में प्रतिदिन भोजन प्रसादी और रात्रिकालीन भजन संध्या होगी।
12 फरवरी को भजन संध्या का विशेष आयोजन
आयोजन के तहत 12 फरवरी को रात्रि 7 बजे से सुप्रसिद्ध भजन गायक शंभू धनगर एवं उनकी टीम द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही आयोजन के दौरान 10 से 11 दिव्य संतों के आगमन की भी संभावना जताई गई है।
1200 साल पुराना है वामेश्वर महादेव मंदिर
मित्र मंडल के सदस्य प्रकाश नागदा ने बताया कि वामेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। शिलालेखों के अनुसार यह मंदिर लगभग 1200 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना विक्रम संवत 873 में मानी जाती है। यह मंदिर क्षेत्र की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
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तैयारियों में जुटा मंदिर मित्र मंडल
आयोजन स्थल पर तैयारियों में मंदिर मित्र मंडल के सदस्य हेमंत नागदा, संजय नागदा, करण सिंह, हरिसिंह, राजेंद्र सिंह राणा, शक्ति सिंह राणा, हिम्मत सिंह राव, जगदीश नागदा, विजय सिंह राजपूत और प्रभु सिंह राजपूत सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
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