जोधपुर के सोना मेडिहब हॉस्पिटल में आग के कारणों का खुलासा, लापरवाही और…

जोधपुर के सोना मेडिहब हॉस्पिटल में आग के कारणों का खुलासा, लापरवाही और…

सोना मेडिहब हॉस्पिटल कीकी बहुमंजिला इमारत में आग से मचा इलाके में हड़कंप 

दिल्ली में होटल में और मुजफ्फरपुर में अस्पताल जैसा हादसा टला 

आग की सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रशासन के आलाधिकारी, कलेक्टर ने ली पल पल की अपडेट

पुलिस और फायर सुरक्षाकर्मियों के साथ साथ एसडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर किया रेस्क्यू

एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, प्रथमदृष्टया अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही आ रही सामने

करीब दो किमी दूर से नजर आ रहा था धुएं का गुबार

माही राठौड़,

जोधपुर,dusrikhabar.com। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर अस्पताल हादसे की यादें अभी ताजा ही थीं कि राजस्थान के जोधपुर में एक निजी अस्पताल में लगी आग ने मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि अस्पताल स्टाफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की बात आ रही सामने। जानकार सूत्रों ने बताया कि एसी के बढ़े हुए लोड के कारण शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, वहीं वार्षिक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी असेसमेंट नहीं होने और अस्पताल में चल रहे रिनोवेशन कार्य ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 11 जून, गुरुवार, 2026

मरीजों और स्टाफ की सूझबूझ से बचीं कई जिंदगियां

जोधपुर के पावटा-बी रोड स्थित सोना मेडिहब हॉस्पिटल में बुधवार शाम करीब 7:15 बजे आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। दूसरी मंजिल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों को तत्काल बाहर निकाला गया। धुएं के बीच मरीजों को बचाने में जुटी नर्सिंग स्टाफ सीमा बेहोश हो गई, लेकिन उनकी बहादुरी ने कई मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

एसी डक्ट में धुआं उठने के बाद फैली आग

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार एसी डक्ट में धुआं दिखाई देने के बाद फायर अलार्म बजा। देखते ही देखते आग दूसरी और तीसरी मंजिल तक फैल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

read also:जयपुर पटाखा फैक्ट्री हादसा: 50 किलो बारूद ने छीनी 8 जिंदगियां, अवैध फैक्ट्रियों के बीच दहशत में जी रहे लोग

मरीजों को दूसरे अस्पताल में किया गया शिफ्ट

हादसे के समय वार्ड में भर्ती 8 मरीजों में से दो मरीजों को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया, जबकि बाकी छह मरीजों को सामने स्थित दूसरे अस्पताल में सुरक्षित शिफ्ट किया गया। स्थानीय लोगों और आसपास के प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों ने भी रेस्क्यू अभियान में सहयोग कर मानवता की मिसाल पेश की।

read also:TMC को एक और झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने दिया इस्तीफा

रिनोवेशन और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार अस्पताल में रिनोवेशन का कार्य चल रहा था। ऐसे में फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा जरूरी थी। जानकारी यह भी सामने आई है कि जिम्मेदार अधिकारियों के कहने के बाद भी अस्पताल में वार्षिक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी असेसमेंट नहीं कराया गया था। सूत्रों की माने तो अस्पताल प्रबंधन अस्पताल के रेनोवेशन के कार्य में व्यस्त रहा और जरूरी सुरक्षा नियमों को ताक में रखकर ये रेनोवेशन का कार्य अस्पताल में चल रहा था। जबकि यह सुरक्षा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। 

read also:होर्मुज बंद, भारत पर होगा गंभीर संकट! तेल से महंगाई तक 4 मोर्चों पर लगेगा झटका, टेंशन में CTI

जांच के दायरे में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और फायर प्रबंधन

फायर ब्रिगेड की प्रारंभिक जांच में एसी के अधिक लोड के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। अब यह जांच की जाएगी कि अस्पताल में फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन हुआ था या नहीं और वार्षिक सुरक्षा ऑडिट क्यों नहीं कराया गया।

—————————–

#JodhpurNews, #HospitalFire, #SonaMedihubHospital, #FireSafety, #ShortCircuit, #RajasthanNews, #HospitalSafety, #BreakingNews, #FireIncident, #Jodhpur, जोधपुर हॉस्पिटल आग, सोना मेडिहब हॉस्पिटल, अस्पताल में आग, जोधपुर फायर हादसा, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी असेसमेंट, शॉर्ट सर्किट, फायर ब्रिगेड जोधपुर, अस्पताल सुरक्षा

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )

अपने सुझाव हम तक पहुंचाएं और पाएं आकर्षक उपहार

खबरों के साथ सीधे जुड़िए आपकी न्यूज वेबसाइट से हमारे मेल पर भेजिए आपकी सूचनाएं और सुझाव: dusrikhabarnews@gmail.com