
नए साल की शुभ शुरुआत, गोविंददेवजी-मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में बढ़ा दर्शन का समय…
नए साल में गोविंददेवजी और मोती डूंगरी गणेश मंदिर में बढ़ा दर्शन समय
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े हैं दोनों मंदिर
मोती डूंगरी गणेशजी के 56 तरह के लड्डूओं का भोग,
गणेशजी ने पहनेंगे सोने का मुकुट
नववर्ष पर जयपुर के प्रमुख मंदिरों में विशेष इंतजाम, दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर, duarikhabar.com। नए साल के स्वागत को लेकर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों गोविंददेवजी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश मंदिर में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दोनों मंदिरों में दर्शन समय बढ़ाया गया है, साथ ही सुरक्षा और सुचारु प्रवेश-निकासी के लिए विस्तृत रूटमैप भी तैयार किया गया है। मंदिर समितियों के अनुसार इस बार लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
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गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन समय बढ़ा, 5 लाख श्रद्धालुओं की संभावना
नए साल पर गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को विशेष रूप से विस्तारित किया गया है। अब श्रद्धालु 7 घंटे के बजाय पौने 9 घंटे तक ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार नववर्ष पर करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के गोविंददेवजी के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
दर्शनार्थियों का प्रवेश केवल मुख्य द्वार से होगा, जबकि जयनिवास बाग की ओर से प्रवेश पूरी तरह बंद रखा जाएगा। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 10 से 16 घंटे तक दर्शन, 3 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान हैं।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी नववर्ष को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे और श्रद्धालुओं को 10 से 16 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर समिति के अनुसार नए साल पर लगभग 3 लाख श्रद्धालु गणपति बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।
गणेशजी के सामने 56 भोग की जगह 56 किस्म के लड्डुओं की भव्य झांकी,स्वर्ण मुकुट करेंगे धारण
इस बार मंदिर में भक्ति के साथ स्वाद और परंपरा का भी विशेष संगम देखने को मिलेगा। पहली बार 56 भोग की जगह 56 किस्म के लड्डुओं की भव्य झांकी सजाई जाएगी। बेसन, मोतीचूर, नारियल, मेवा, मलाई जैसे पारंपरिक स्वादों के साथ पिस्ता, सीताफल, स्ट्रॉबेरी और वनीला जैसे मॉडर्न फ्लेवर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे। स्वर्ण मुकुट धारण कर गजानन महाराज विशेष दर्शन देंगे।
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भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर में…
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प्रवेश के लिए 7 कतारें
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निकासी के लिए 8 अलग कतारें
तैयार की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तैयार हुआ विशेष रूटमैप
दोनों मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन के लिए विस्तृत रूटमैप लागू किया है। मोती डूंगरी मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि यह अनूठा आयोजन श्रद्धा के साथ विविधता और व्यवस्था का संदेश भी देगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और सहयोग बनाए रखें।
नववर्ष पर गोविंद-गणपति दर्शन को शुभ मानते हुए जयपुर में धार्मिक उत्साह चरम पर नजर आएगा। पुलिस प्रशासन, स्वयंसेवकों और मंदिर स्टाफ की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और सहयोग करें।
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