
“एआई से बदलेगा शासन, शहरी सेवाएं और स्वास्थ्य व्यवस्था का भविष्य”
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026:
पब्लिक सर्विस डिलिवरी में AI बनेगा रीढ़, पारदर्शिता और गति पर फोकस
डिजिटल गवर्नेंस से नागरिक सेवाएं हुईं आसान, यूनिक प्रॉपर्टी ID से मिली बड़ी राहत
36 घंटे का AI हैकाथॉन और हेल्थ पैनल—सुशासन से स्वास्थ्य क्रांति तक नवाचार
विजय श्रीवास्तव/संदीप,
जयपुर,dusrikhbar.com। राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट—2026 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि शासन, शहरी प्रशासन और स्वास्थ्य सेवा के परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित इस समिट के तीसरे दिन AI-आधारित गवर्नेंस, डिजिटल सिटी मैनेजमेंट, हैकाथॉन इनोवेशन और हेल्थकेयर रेवोल्यूशन पर गहन मंथन हुआ।
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AI फॉर पब्लिक सर्विस डिलिवरी: तेज, पारदर्शी और 24×7 प्रशासन की ओर कदम
राजस्थान रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 के तहत आयोजित ‘AI फॉर पब्लिक सर्विस डिलिवरी एंड गवर्नेन्स’ पैनल डिस्कशन में वक्ताओं ने कहा कि भविष्य का प्रशासन स्पीड, इम्पैक्ट और एक्सेसिबिलिटी पर आधारित होगा। डाटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के एमडी अजय डाटा द्वारा संचालित सत्र में प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार, आईटी आयुक्त हिमांशु गुप्ता और वाधवानी फाउंडेशन के सीईओ प्रकाश कुमार ने AI-संचालित निर्णय प्रणाली, प्रोसेस ऑटोमेशन और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने पर जोर दिया।
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हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जन आधार जैसे सरकारी डेटाबेस के प्रभावी उपयोग से सेवाओं में मानवीय हस्तक्षेप घटेगा और दक्षता बढ़ेगी। विजन इंडिया@2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए AI को अनिवार्य टूल बताया गया, वहीं डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और विश्वसनीयता को प्रशासनिक AI की बुनियाद माना गया।
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डिजिटल शहरी शासन: यूनिक प्रॉपर्टी ID से KYC झंझट खत्म
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने ‘आईटी के माध्यम से शहरी शासन की पुनर्कल्पना’ विषय पर संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यूनिक प्रॉपर्टी ID, आधार आधारित ई-KYC और ई-नगर प्रणाली से नागरिकों को बार-बार KYC कराने से मुक्ति मिली है और मैनुअल त्रुटियां लगभग समाप्त हो गई हैं।
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जेडीए को राज्य के अन्य विकास प्राधिकरणों के लिए रोल मॉडल बताते हुए मंत्री ने कहा कि राजस्थान अब MoU Signing State नहीं, बल्कि MoU Execution State बन चुका है। प्रदेश में 400 से अधिक MoU धरातल पर उतर चुके हैं, जिससे 37,000 करोड़ रुपए से अधिक निवेश आया है।
36 घंटे का AI हैकाथॉन: 400 डेवलपर्स, सुशासन से रोजगार तक समाधान
समिट में आयोजित 36 घंटे के AI हैकाथॉन में 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया। स्टार्टअप्स और आईटी विभाग के कार्मिकों ने पहली बार एक साथ सुशासन, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार सुरक्षा और डिजिटल ट्रस्ट पर AI-आधारित समाधान प्रस्तुत किए।
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चार श्रेणियों में स्टार्टअप्स और आईटी विभाग की टीमों को सम्मानित किया गया। ब्रेनबॉक्स, प्लिंक माइंड, सर्वियल स्फीयर, सिक्योर स्टैक सॉल्यूशंस सहित कई टीमों ने विजेता स्थान हासिल किए। मेंटर्स के रूप में IBM, Microsoft, ReSkill और सेलेबल टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

हेल्थ सेक्टर में AI क्रांति: प्रिसिजन से प्रिवेंशन तक
‘Precision, Prevention and Public Good’ पैनल में विशेषज्ञों ने कहा कि महामारियों ने सिद्ध कर दिया है कि स्वास्थ्य वैश्विक जिम्मेदारी है। AI और डेटा-ड्रिवन हेल्थकेयर से रिएक्टिव ट्रीटमेंट को प्रिडिक्टिव और प्रिवेंटिव केयर में बदला जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया कि भारत का हाई-वॉल्यूम, लो-कॉस्ट हेल्थ मॉडल देश को ग्लोबल हेल्थकेयर सेंटर बना रहा है। मल्टीमॉडल AI, जीनोमिक्स, हेल्थ रिकॉर्ड्स और लाइफस्टाइल डेटा को जोड़कर बीमारियों की शुरुआती पहचान संभव होगी। भारत की क्लिनिकल विशेषज्ञता और कम लागत मेडिकल टूरिज्म को भी नई ऊंचाई दे रही है।
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