
फिर विवादों में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, इस बार नर्सिंग कोर्स विवाद: चेयरमैन-रजिस्ट्रार समेत 7 पर FIR
मेवाड़ यूनिवर्सिटी और विवादों का रहा चोली-दामन का साथ
छात्रों का आरोप—फर्जी विज्ञापनों से मान्यता का झांसा
B.Sc. नर्सिंग और GNM कोर्स पर मान्यता को लेकर बवाल
छात्रों का दावा—RNC और INC से स्वीकृति नहीं, लाखों रुपए वसूले
विरोध के बीच निलंबन, मारपीट और छुट्टी घोषित; पुलिस ने शुरू की जांच
पूर्व में भी कई मामलों में विवादित रही है मेवाड़ यूनिवर्सिटी
पूर्व में एग्रीकल्चर डिप्लोमा और डिग्री कोर्स के नाम फर्जीवाड़े पर मचा था बवाल
इससे भी पहले फर्जी डिग्रियां बांटने पर मान्यता रद्द करने की आई थी नौबत, एसओजी जांच
बैक डेट में फर्जी डिग्रियां बांट का करोड़ों का कारोबार करने का भी आरोप…!
यूनिवर्सिटी में दो गुटों में झड़प के बाद 36 छात्रों की हुई थी गिरफ्तारी
विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों को मांस परोसे जाने का भी आरोप
मेवाड़ विश्वविद्यालय के आसपास नशे के कारोबार की भी खबर…!
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर/चित्तौड़गढ़,dusrikhabar.com। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी नर्सिंग विवाद ने तूल पकड़ लिया है। B.Sc. नर्सिंग और GNM कोर्स की मान्यता को लेकर उठे सवालों के बीच यूनिवर्सिटी के चेयरमैन, वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष समेत 7 जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। छात्रों का आरोप है कि अखबारों में फर्जी विज्ञापन प्रकाशित कर कोर्स को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से मान्यता प्राप्त बताया गया, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं था।
गंगरार थाने में दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने नर्सिंग कोर्स मान्यता विवाद को प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
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फर्जी विज्ञापन और मोटी फीस वसूली का आरोप
छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों में B.Sc. नर्सिंग कोर्स को RNC और INC से मान्यता प्राप्त बताया गया था। भीलवाड़ा निवासी पायल पाटिल ने बताया कि वर्ष 2022 में सीनियर सेकेंडरी के बाद उन्होंने विज्ञापन देखकर संपर्क किया। मोबाइल नंबर पर बातचीत में पूर्ण मान्यता का भरोसा दिलाया गया।
13 फरवरी 2022 को उन्होंने एक लाख रुपए प्रवेश शुल्क और 50 हजार रुपए डोनेशन के रूप में जमा कर प्रवेश लिया। उनके साथ आशुतोष पारीक, रोहित मारू, रोशन रेगर, रोहित रेगर, विक्की कुमार और कृष्णा कुमारी सहित कई छात्रों ने भी इसी प्रकार राशि जमा कराई।
तीन वर्ष तक नियमित अध्ययन के बाद जब RNC मान्यता के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि कोर्स को किसी भी परिषद से स्वीकृति नहीं मिली है। छात्रों का कहना है कि पूर्व में कौशल चन्द्रल नामक व्यक्ति से बातचीत हुई थी, जिसे फर्जी डिग्री मामले में एसओजी ने गिरफ्तार किया था।
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जयपुर पहुंचकर की मान्यता की पड़ताल
छात्रों ने हाल ही में जयपुर जाकर उपमुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय और RNC कार्यालय में जानकारी ली। वहां से उन्हें स्पष्ट जवाब मिला कि संबंधित नर्सिंग डिग्री को कोई मान्यता प्राप्त नहीं है और यूनिवर्सिटी द्वारा इस संबंध में कोई फाइल भी जमा नहीं कराई गई।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि जब पूर्व में मान्यता नहीं थी तो भविष्य में मिलने की संभावना भी कम है। इस जानकारी के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
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जम्मू-कश्मीर के छात्रों का निलंबन
जम्मू-कश्मीर विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत B.Sc. नर्सिंग में प्रवेश लेने वाले 44 छात्रों—अजहर सादिक, फैजान अकबर, सरफराज, नाजिया इकबाल, आदिल फारूक सहित अन्य—ने भी आरोप लगाया कि उन्हें दस्तावेज दिखाकर कोर्स की पूर्ण मान्यता का भरोसा दिलाया गया था।
19 अक्टूबर 2024 को प्रशासन से जवाब मांगने पर उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया। बाद में आश्वासन दिया गया कि दो महीने में मान्यता न मिलने पर उन्हें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश दिलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद 39 छात्रों को दोबारा निलंबित कर दिया गया।
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GNM कोर्स भी बिना स्वीकृति चलने का दावा
छात्रों का कहना है कि GNM नर्सिंग कोर्स की स्थिति भी समान है। शीतल शर्मा सहित 26 छात्रों को प्रवेश दिया गया, जबकि इसे भी RNC से स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। लगभग 22 अन्य छात्रों ने भी अब कोर्स की मान्यता पर सवाल उठाए हैं।
छात्रों का आरोप है कि RNC की वेबसाइट पर यूनिवर्सिटी का नाम देखकर उन्होंने भरोसा किया, लेकिन बाद में वास्तविक मान्यता न होने की जानकारी मिली।
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विरोध प्रदर्शन, मारपीट और पुलिस दखल
डिग्री की मान्यता को लेकर छात्र कई दिनों से आंदोलनरत थे। जयपुर से लौटने के बाद कुछ छात्रों को कैंपस में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
मंगलवार को छात्रों ने मैस बंद किया, जिसके बाद दो गुटों के बीच कहासुनी और तोड़फोड़ हुई। स्थिति बिगड़ने पर 28 छात्रों और 40 अन्य के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज हुए।
बुधवार को हालात फिर तनावपूर्ण हुए, जिसके बाद एडिशनल एसपी सरिता सिंह सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने एहतियातन अवकाश घोषित कर अधिकांश छात्रों को घर भेज दिया।
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति शांत है और छात्रों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
रावतभाटा एडीएम विनोद कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 में हुए एडमिशन व उनकी मान्यता से जुड़े कुछ तकनीकी विषय सामने आए हैं। विस्तृत जानकारी जुटाने के बाद प्रशासन पूरी स्थिति स्पष्ट करेगा।
रजिस्ट्रार और छात्रों के बीच वार्ता भी हुई है। आगामी होली और रमजान को देखते हुए कुछ दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। वर्तमान में परिसर में शांति बनी हुई है।
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