
राजस्थान ललित कला अकादमी की 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी, नौ कलाकारों को मिला सम्मान
राजस्थान ललित कला अकादमी की 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने किया उद्घाटन, कला संरक्षण पर दिया जोर
190 कलाकारों की 562 कृतियों में से 64 कलाकारों की 113 कृतियां चयनित
‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ पोर्टल और डिजिटाइजेशन से जुड़ रही कला विरासत
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। जयपुर स्थित अकादमी संकुल में आयोजित 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का उद्घाटन शुक्रवार को समारोहपूर्वक किया गया। राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन में अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग प्रवीण गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण भी संपन्न हुआ, जिसमें नौ कलाकारों को सम्मानित किया गया। राजस्थान ललित कला अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग प्रवीण गुप्ता सम्मानित करते हुए।
कला संरक्षण और युवा कलाकारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए प्रवीण गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की कला और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है और राज्य सरकार तथा भारत सरकार इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग युवा कलाकारों को बेहतर मंच और अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले नौ कलाकारों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी सम्मान अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। नियमित साधना और निरंतर अभ्यास से ही कलाकार सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
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उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज का दौर एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का है। ऐसे में राजस्थान की कला और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यमों पर प्रदर्शित करना आवश्यक है। विभाग द्वारा कला और संस्कृति से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है।
‘मेरा गांव मेरी धरोहर’ पोर्टल से डिजिटल जुड़ाव
प्रवीण गुप्ता ने जानकारी दी कि हाल ही में शुरू किया गया मेरा गांव मेरी धरोहर पोर्टल ग्रामीण कला और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच देने का प्रयास है। अब गांव का कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र की कला विरासत को इस पोर्टल पर अपलोड कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की कला और संस्कृति का अनुभव करना चाहती है, और वर्तमान समय कलाकारों के लिए अवसरों से भरा हुआ है।
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कलाकार को सम्मानित करते हुए राजस्थान ललित कला अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम।युवाओं को कला से जोड़ना समय की आवश्यकता
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान ललित कला अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम ने कहा कि युवाओं को कला से जोड़कर ही देश का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में रचनात्मकता की अत्यंत आवश्यकता है और ऐसी प्रदर्शनी कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान करती है। राजस्थान कला-संस्कृति के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश है।
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पुरस्कार लेने के बाद मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग प्रवीण गुप्ता और संभागीय आयुक्त पूनम के साथ कलाकार।
पुरस्कार वितरण: नौ कलाकार हुए सम्मानित
उद्घाटन के बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में रमेश कुमार सैनी (जयपुर) – जयपुर की गलिया 1-2-3, विकास कुमार मिरोठा (बूंदी) – समूह-2, जयन्त शर्मा (जयपुर) – City of Dunes, श्वेता नैना (जयपुर) – तारा-3, मोहनलाल चौधरी (बीकानेर) – मत बाचो गठरिया, उर्मिला शर्मा (जयपुर) – मनुकल्प-1, धीरज बलिहारा (हनुमानगढ़) – Weaving Tradition, करूणा (वनस्थली) – Childhood-3 और शिवपाल कुमावत (सीकर) – Delusional-II को 25-25 हजार रुपये नकद, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
चयन प्रक्रिया: 562 कृतियों में से 113 का चयन
उल्लेखनीय है कि 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के लिए निर्णायक मंडल की बैठक 17 नवम्बर 2025 को अकादमी कार्यालय में आयोजित हुई थी। इस दौरान 190 कलाकारों की 562 कलाकृतियों का अवलोकन किया गया।
विस्तृत मूल्यांकन के बाद 64 कलाकारों की 113 कृतियों को प्रदर्शनी के लिए चयनित किया गया तथा 10 श्रेष्ठ कृतियों को पुरस्कार योग्य माना गया।
19 फरवरी तक निशुल्क अवलोकन के लिए खुली प्रदर्शनी
राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि यह 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी 13 फरवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक आम दर्शकों के लिए निशुल्क खुली रहेगी।
कार्यक्रम में विद्या सागर उपाध्याय, नाथूलाल वर्मा, महावीर भारती सहित कला जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन गौरव शर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सेवानिवृत्त प्रदर्शनी अधिकारी विनय शर्मा ने दिया।
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