
कोटा में फिर RTDC की चंबल होटल में लौटेगी रौनक, भरतपुर का होटल सारस भी खुलेगा
RTDC चंबल होटल का छह माह बाद संचालन बहाल, विभागीय आदेश जारी
जर्जरता के कारण बंद हुआ था होटल, अब 80 लाख के बजट से रिनोवेशन की तैयारी
2025 में 35 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे कोटा, पर्यटन को मिलेगा शानदार आवास
नवीन सक्सेना,
कोटा, dusrikhabar.com। कोटा के नयापुरा स्थित RTDC का होटल चंबल एक बार फिर से पर्यटकों के स्वागत सत्कार के लिए तैयार हो रहा है। बुधवार को RTDC ने होटल को पुनः संचालित करने के आदेश जारी कर दिए हैं और अगले एक-दो दिन में स्टाफ की तैनाती के साथ इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। करीब छह महीने पहले जर्जर हालत के चलते बंद किए गए इस होटल के दोबारा शुरू होने से पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। इसी कड़ी में भरतपुर का होटल सारस भी पुनः शुरु किए जाने की तैयारी में है।
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होटल चंबल कोटा
जर्जर इमारतों पर कार्रवाई के बाद बंद हुआ था होटल
गौरतलब है कि करीब 6 माह पूर्व खराब संरचनात्मक स्थिति को देखते हुए होटल चंबल को अचानक बंद कर दिया गया था। इस फैसले का स्थानीय नागरिकों और कुछ न्यायिक अधिकारियों ने विरोध भी जताया था। मामले को लेकर विभाग में शिकायतें पहुंचीं और प्रदर्शन भी हुए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, अगस्त 2025 में एक स्कूल भवन की छत गिरने से हुए गंभीर हादसे के बाद न्यायालय ने राजस्थान के लगभग 86 हजार सरकारी स्कूल कक्षों को बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राजस्थान में भी जर्जर सरकारी इमारतों का निरीक्षण हुआ और ब्यूरोक्रेसी की पहल पर एहतियातन कई भवनों को बंद किया गया। इसी क्रम में राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RTDC) एमडी ने एक बैठक ली और उसके बाद रखरखाव की कमी से प्रभावित होटलों का संचालन स्थगित कर दिया, जिनमें कोटा का होटल चंबल और भरतपुर का होटल सारस शामिल थे।
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होटल बंद, पर तनख्वाह चालू…!
कोटा की चंबल होटल बंद होने के बाद यहां कार्यरत कर्मचारियों को अन्य शहरों के RTDC होटलों में शिफ्ट किया जाना था। हालांकि स्थायी कर्मचारियों की संख्या सीमित थी। जानकार सूत्रों की मानें तो कोटा में चंबल होटल बंद होने के बावजूद यहां पर मैनेजर डटे रहे और बंद होटल के पेटे करीब छह माह तक लाखों रुपए सैलेरी उठाते रहे। इस दौरान वे कभी कभी विभागीय कार्यों के पेटे यहां वहां सैर भी करते रहे और होटल की साज-संभाल का कार्य भी करते रहे।
लेकिन अब सवाल ये है कि बंद होटल के मैनेजर को विभाग क्या चौकीदारी के पेटे बड़ी सैलेरी देता रहा? अब इसमें एक सवाल ये भी उठता है कि जब अन्य शहरों में होटल्स अच्छे से चल रही हैं तो फिर कोटा के चंबल होटल और भरतपुर के सारस होटल का प्रबंधन करने वालों की मंशा क्या थी। आखिर क्यों नहीं चल पाए ये दोनों होटल, कहीं इसमें कोई व्यक्तिगत हित तो शामिल नहीं है?
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पुनः संचालन के पीछे चर्चाएं और दबाव
सूत्रों के अनुसार, होटल को बंद कराने और फिर से शुरू करवाने की प्रक्रिया के पीछे एक कर्मचारी की भूमिका चर्चा में रही है। बताया जाता है कि स्थानीय स्तर पर विरोध और अदालत में दायर रिट के बाद दबाव बना, जिसके चलते होटल को दोबारा खोलने की कवायद तेज हुई। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

सेवन वंडर्स कोटा
पर्यटन नगरी कोटा के लिए अहम फैसला
आपको बता दें कि कोटा एज्यूकेशन हब के बाद अब पर्यटन मानचित्र पर भी तेजी से उभर रहा है। वर्ष 2025 में यहां 35,03,236 देशी पर्यटक और 2,552 विदेशी पर्यटक पहुंचे। ऐसे में शहर के एकमात्र RTDC होटल चंबल का बंद होना पर्यटन के लिहाज से झटका माना जा रहा था।
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कोटा के प्रमुख पर्यटक स्थल
चंबल रीवर फ्रंट, कोटा बैराज, चंबल गार्डन, दुनिया के सात अजूबे, गोदावरी धाम बालाजी, सिटी पैलेस गढ़ कोटा, जगमंदिर, खड़े गणेशजी, गरडिया महादेव, अभेद महल, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क और मुकुन्दा हिल्स टाइगर रिजर्व, दाद देवी मंदिर, गेपर्णनाथ मंदिर, कैथून (कोटा डोरिया साड़ियों के लिए प्रसिद्ध) जैसे कोटा में घूमने के पर्यटक स्थल हैं।

जग मंदिर कोटा
चंबल होटल आय-व्यय
आर्थिक आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 के बीच होटल को कुल 3.22 लाख रुपये की आय हुई, जबकि इसी अवधि में लगभग 16.16 लाख रुपये खर्च हुए। इस प्रकार करीब 12.94 लाख रुपये का घाटा दर्ज किया गया। कुल आय में से लगभग 1.11 लाख रुपये आवास सुविधा से और करीब 0.91 लाख रुपये बार संचालन से प्राप्त हुए।
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होटल के कुल व्यय (लगभग 14.17 लाख रुपये) में कर्मचारियों का वेतन, बोनस, बिजली-पानी बिल, नियमित रखरखाव, सफाई और अन्य विविध खर्च शामिल रहे।
80 लाख रुपए से मरम्मत योजना, फिलहाल 7 कमरे होंगे चालू
होटल की वास्तविक स्थिति और उसे बंद करने के निर्णय पर अभी भी सवाल उठ रहे हैं। यदि इमारत अत्यधिक जर्जर थी तो बिना व्यापक मरम्मत के इसे दोबारा खोलने का निर्णय क्यों लिया गया—यह प्रश्न चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि इसका सकारात्मक पहलू यह है कि विभाग ने होटल चंबल की मरम्मत के लिए 80 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। प्रारंभिक चरण में ग्राउंड फ्लोर के 7 कमरों को संचालित करने की तैयारी की जा रही है। आवश्यक मरम्मत कार्य कर होटल को चरणबद्ध तरीके से पूरी क्षमता के साथ शुरू किया जाएगा।
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होटल चंबल की संरचना और स्टाफ विवरण
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कुल कमरे: 15
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एयरकंडीशंड कमरे: 7
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साधारण कमरे: 7
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1 NAC फैमिली रूम
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कुल कर्मचारी: 5
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2 स्थायी
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3 अस्थायी
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होटल सारस भरतपुर
भरतपुर का होटल सारस भी होगा सक्रिय
कोटा के साथ-साथ भरतपुर स्थित होटल सारस को भी दोबारा शुरू करने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले के कारण इस होटल को पुनः संचालित करने की कोशिशें तेज हैं। मुख्यमंत्री के नियमित दौरों और एक बार फिर से भरतपुर की तरफ पर्यटकों के रुझान को देखते हुए इस होटल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि इस होटल की जर्जरावस्था कुछ ज्यादा ही दयनीय बताई जा रही है शायद इसी कारण विभाग इस होटल को खोलने से पहले इस होटल में पर्याप्त मरम्मत और सुविधाएं होने पर ही इसे शुरु करने की योजना बना रहा है।
(महत्वपूर्ण:- “Outcome”…!) अनाड़ी बाबू…
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