
राजस्थान विधानसभा में वर्ष 2026-2027 का बजट, किसे क्या मिला? देखिए ताजा अपडेट…LIVE
राजस्थान विधानसभा में शुरु हुई बजट घोषणा
मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा स्पीकर से ली बजट पढ़ने की इजाजत
राजस्थान विधानसभा में पहुंचे तमाम विधायक और मंत्री
विजय श्रीवास्तव,संदीप,नवीन सक्सेना,सुश्री सोनिया,महावीर
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान विधानसभा में भाजपा की भजनलाल सरकार का तीसरा बजट पेश हो रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल की मौजूदगी में पेश हो रहा बजट, वित्त मंत्री दिया कुमारी ने खोला राजस्थान के लोगों के लिए बजट का पिटारा। किसे क्या मिले, क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ पढ़िए पूरी खबर…
वित्त मंत्री ने बजट दस्तावेज पढ़ना किया शुरु.. दिया कुमारी पेश कर रहीं 2026-27 का वार्षिक बजट, दिया कुमारी ने बताया सरकार ने पिछले वर्ष क्या क्या किया और क्या क्या प्राथमिकताएं हैं बताया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के दूसरे छोर पर खड़े समाज के हर व्यक्ति की जरूरतों का ध्यान रखा। योजनाओं को सब तक पहुंचाया।
राजस्थान की जनता को वर्ष 2026-27 के बजट में क्या क्या मिला:-
1.
प्रदेश की सड़कों के लिए सबसे पहले बजट में घोषणा नोन पेचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ की घोषण।
दिया कुमारी ने जानकारी दी कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक का सबसे बड़ा पूंजीगत निवेश किया गया है। उन्होंने बताया कि 3,427 करोड़ रुपये की राशि बुनियादी ढांचे पर खर्च की गई, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।
उन्होंने आगे कहा कि सड़क नेटवर्क के विस्तार के तहत 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को योजना में जोड़ा गया है, जिससे प्रदेश में कुल मिलाकर करीब 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास सुनिश्चित किया गया है। इससे आवागमन सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
राज्य में सड़क और यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये की बड़ी योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत सड़कों के उन्नयन और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
सरकार ने बताया कि नॉन-पैचेबल सड़कों के सुधार के लिए 1,400 करोड़ रुपये तथा मिसिंग लिंक सड़कों को जोड़ने के लिए 600 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही अगले वित्तीय वर्ष में 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं को अमल में लाया जाएगा, जिन पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की त्वरित मरम्मत सुनिश्चित करने के लिए भी 500 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है, ताकि यातायात सुचारू बना रहे और लोगों को राहत मिल सके।
2.
राज्य सरकार ने प्रशासनिक और जनसुविधा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। इसके तहत प्रदेश में 3,000 संविदा कर्मचारियों की नई भर्ती की जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से 2,000 आधुनिक निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के विस्तार के लिए 6,500 गांवों को हर घर नल योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि शुद्ध पेयजल सीधे घरों तक पहुंच सके।
3.
4 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं, जिससे जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं को तेजी मिलेगी।
सीएम जल जीवन मिशन के अंतर्गत 6,500 गांवों को शामिल कर हर घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 4,500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2,300 करोड़ रुपये की लागत से नई व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
आगामी वर्ष में प्रदेशभर में 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है।
देशनोक क्षेत्र में चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बीसलपुर पेयजल परियोजना के विस्तार और सुधार के तहत 1,092 गांवों तक जल पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
4.
जल संकट से निपटने के लिए नई पहलें करते हुए गर्मी के मौसम में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु 600 नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे।
समर कंटिजेंसी प्लान के तहत प्रत्येक जिले के कलेक्टर को 1–1 करोड़ रुपये की विशेष राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित समाधान हो सके।
जयपुर में 10 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर सेक्टर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जो जल प्रबंधन और शोध का केंद्र बनेगा।
पानी के बेहतर उपयोग और बचत को बढ़ावा देने के लिए वॉटर एफिशिएंसी पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
पेयजल की गुणवत्ता जांच को सरल और तेज बनाने के उद्देश्य से मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब की शुरुआत की जाएगी, जिससे फील्ड स्तर पर तुरंत जांच संभव हो सकेगी।
5.
परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी गठित की जाएगी, जहां ऑनलाइन टेस्ट और विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा।
6.
राजस्थान के 150 महाविद्यालयों में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रों में बालिकाओं को आत्मरक्षा केंद्रों में 50 हजार से अधिक बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा
7.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी, जिससे फॉल्ट और लोड मैनेजमेंट अधिक प्रभावी होगा।
ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार के तहत 220 केवीए के 6 नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही 132 केवी के 13 जीएसएस और 33 केवी के 110 नए जीएसएस का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी।
बीकानेर और जैसलमेर में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,950 करोड़ रुपये की लागत से नए सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे।
प्रदेश के बिजली तंत्र की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के उद्देश्य से अजमेर डिस्कॉम सेंटर को AI आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे तुरंत डेटा विश्लेषण और निर्णय संभव हो सकेगा।
8.
आगामी वर्ष में यातायात को सुगम बनाने के लिए 15 नए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा।
राज्य के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए नई आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से प्रदेशभर में 2,000 आधुनिक निगरानी कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सकेगा।
9.
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट में दो नए सोलर पार्कों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम से पावर मॉनिटरिंग की जाएगी।
10.
सभी संभाग मुख्यालयों में यातायात को सुचारु बनाने के लिए सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
जयपुर शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1000 करोड़ रुपये सहित कुल मिलाकर 2300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।
राज्य में लगभग 28 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
शहरी निकाय क्षेत्रों में रोशनी व्यवस्था मजबूत करने के लिए 5000 से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
अजमेर और जयपुर सहित अन्य शहरों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 1020 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज परियोजनाएं क्रियान्वित होंगी।
शहरों में स्थायी समाधान के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किए जाएंगे, जिन पर 40 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 93 फायर बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी, इस पर 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करने हेतु अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड की स्थापना की जाएगी।
11.
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि सरकार की नई पहलों से करीब 50 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सीएम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लगभग 30 हजार युवा लाभान्वित होंगे।

कॉलेज विद्यार्थियों के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ शुरू किया जाएगा, जिसके तहत अगले वर्ष 50 हजार छात्रों को विशेष लाभ दिया जाएगा।
युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से ‘राज सवेरा’ अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नशा मुक्ति और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे।
1000 युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के सहयोग से प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार 30 करोड़ रुपये की लागत से नए टेक्नो हब विकसित करेगी।
10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को ई-वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी, ताकि वे लैपटॉप खरीद सकें।
कक्षा 1 से 8 तक के करीब 40 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
12.
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार की योजना के तहत 30 हजार युवाओं को 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
13.
वित्त मंत्री ने बताया कि शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर बजटीय प्रावधान किए हैं
सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय सुविधाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।

आगामी वर्ष में 2,500 से अधिक विद्यालयों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण पर 450 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार खेल किट और ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराएगी, जिस पर 323 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
14.
गंभीर रोगियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का नया खाका तैयार करते हुए सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं
‘राज सुरक्षा योजना’ के नाम से नई पहल शुरू की जाएगी, जिसके तहत गंभीर बीमारियों और सड़क दुर्घटना के मामलों में तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
हाईवे पर स्थित रेस्ट एरिया में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि हादसे की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
आत्महत्या की घटनाओं पर रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए ‘राज ममता’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष केंद्र स्थापित होगा, वहीं जिला अस्पतालों में भी मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोले जाएंगे।

कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रशिक्षित काउंसलर भेजे जाएंगे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविरों का आयोजन कर स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुंचाई जाएंगी।
जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जाएगी।
जयपुर के जेके लॉन अस्पताल परिसर में लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से नया आईपीडी टॉवर और अत्याधुनिक नियोनेटल आईसीयू बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1,000 नए पद सृजित किए जाएंगे।
अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा को बेहतर बनाने हेतु फायर सेफ्टी उपकरणों पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जयपुर, जोधपुर, बीकानेर समेत प्रमुख शहरों के अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए धर्मशाला निर्माण किया जाएगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये व्यय होंगे।
अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में पार्थिव शरीर को घर तक निःशुल्क पहुंचाने के लिए ‘मोक्षवाहिनी योजना’ लागू की जाएगी।
15.
17 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्युत सुविधा से जोड़ा जाएगा, जिससे बच्चों और महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रूरल वीमन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 1 लाख से 1.50 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
राजीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों पर राजसखी स्टोर खोले जाएंगे।
महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने वाले ऋण की अधिकतम सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई है।
पोषण स्तर सुधारने के लिए 11 हजार अमृत पोषक वाटिकाओं का विकास किया जाएगा, जहां मिड-डे मील के लिए फल और सब्जियां उगाई जाएंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के रखरखाव और सुधार के लिए 275 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
लगभग 225 करोड़ रुपये की लागत से 700 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक नंदघर के रूप में विकसित किया जाएगा।
किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लगभग 50 हजार बालिकाएं लाभान्वित होंगी।
महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से नए महिला पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
16.
पर्यटन के लिए खास बजट
प्रदेश के चार जिलों में नए एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में योजना तैयार की जाएगी। सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए फिजिबिलिटी स्टडी करवाई जाएगी।
जैसलमेर के खुड़ी क्षेत्र में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन तथा कुलधरा में नया पर्यटन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है।
पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे मरुस्थलीय पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना की जाएगी।
करीब 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को हवाई यात्रा के माध्यम से तीर्थ दर्शन कराने की योजना लागू होगी।
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं का नवीनीकरण और मरम्मत करवाई जाएगी।
देवस्थान विभाग की भूमि पर बीओटी मॉडल के तहत नई धर्मशालाओं का निर्माण किया जाएगा।
सवाईमाधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) शुरू किए जाएंगे।
लगभग 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत कर डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
राज्य में निवेश और डिजिटल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई आईटी पॉलिसी लागू की जाएगी।
17.
ड्रोन हो सकेगा बेहतर उपयोग
राज्य सरकार ड्रोन उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई ड्रोन पॉलिसी लागू करेगी, जिससे प्रशासनिक और विकास कार्यों में तकनीक का विस्तार होगा।
सुशासन को मजबूत करने के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा, ताकि डिजिटल सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच सकें।
डिजिटल निवेश और टेक्नोलॉजी सेक्टर को गति देने के लिए नई आईटी पॉलिसी लाई जाएगी।
सरकारी सेवाओं में प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सीएम प्रमाण सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
नीति आयोग की तर्ज पर गठित संस्थान (रीती) के संचालन और विकास के लिए अगले वर्ष 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
व्यापार और उद्योग को राहत देने के उद्देश्य से राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 लागू किया जाएगा।
सरकारी जमीनों के पारदर्शी प्रबंधन हेतु ‘मरुधरा राज भूमि डिजिटल एड्रेस’ प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होंगे और रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
18.
प्रदेश में सरस डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई घोषणाएं
राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की राशि को बढ़ाकर 1000 करोड़ से 2000 करोड़ किया गया। सरस दूध को राष्ट्रीय डेयरी के रूप में विकसित करने के लिए NCR, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश में सरस उत्पादों के आउटलेट्स खोलने की घोषणा, इसके लिए 100 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत फिलहाल 5 रुपए अनुदान मिल रहा है अगले आगामी वित्तीय वर्ष में अनुदान राशि 700 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा।
19.
सरकारी कर्मचारियों और प्रशासनिक ढांचे को लेकर अहम फैसले
नवगठित 8 जिलों और नई पंचायत समितियों में शासकीय कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रामदानी गांवों के किसानों को पहली बार खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें भूमि पर वैधानिक स्वामित्व का लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव कार्यालय में नियमों को सरल बनाने हेतु डिरेगुलेशन सेल का गठन होगा।
बढ़ते डिजिटल अपराधों की रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा, विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों पर निगरानी के लिए।
शहरी क्षेत्रों में होमगार्ड बल की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुव्यवस्थित हो सके।
गृह विभाग के रिवॉल्विंग फंड को बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये किया जाएगा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय पंचायती राज पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय पंचायत पुरस्कार शुरू किए जाएंगे।
शेखावाटी क्षेत्र तक हथनी कुंड से यमुना जल लाने की 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
कर्मचारियों के हित में आठवें वेतन आयोग के गठन हेतु हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी।
20.
कृषि क्षेत्र को मजबूती, किसानों के लिए सस्ती बिजली और नई योजनाएं
किसानों को राहत देने के लिए रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, खासतौर पर खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सुविधा दी जाएगी।
शेखावाटी क्षेत्र तक हथनी कुंड से यमुना जल पहुंचाने की 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।
बीसलपुर दायीं मुख्य नहर के 5000 हेक्टेयर कमांड एरिया में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से स्प्रिंकलर (फव्वारा) सिंचाई प्रणाली लागू की जाएगी।
आगामी वर्ष 50 हजार सोलर पंप स्थापित किए जाएंगे, जिस पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
किसानों को आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए 160 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
जल संरक्षण के लिए 8000 डिग्गियों का निर्माण और 36 हजार नए फार्म पोंड बनाने पर अनुदान दिया जाएगा, जिससे 80 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।
50 हजार किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए लगभग 288 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
सामुदायिक तारबंदी योजना में भागीदारी की न्यूनतम संख्या 10 से घटाकर 7 किसान कर दी गई है।
3496 ग्राम पंचायतों में वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना कर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में एआई और रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग से रियल टाइम मौसम निगरानी और फसल प्रबंधन के लिए विशेष केंद्र विकसित किए जाएंगे।
कृषि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरते हुए अगले वर्ष 400 से अधिक नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि शोध और शिक्षा को मजबूती मिल सके।
21.
किसान, पशुपालक और पर्यावरण संरक्षण को बजट में विशेष प्राथमिकता
प्रदेश के लगभग 35 लाख किसानों को करीब 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याजमुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए सरकार 800 करोड़ रुपये ब्याज सब्सिडी के रूप में वहन करेगी।
सहकारी बैंकों से लिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण पर किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।
दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए दूध पर बोनस के रूप में करीब 700 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
डेयरी ब्रांड सरस के विस्तार के तहत NCR, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नए आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘नमो वन’ विकसित किए जाएंगे तथा पौध उत्पादन के लिए नमो नर्सरी स्थापित की जाएंगी।
प्रदेश के 16 जिलों में आधुनिक उद्यान ऑक्सीजन जोन तैयार किए जाएंगे, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होगा।
सोलर और विंड ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवंटित भूमि में से 10 प्रतिशत क्षेत्र को अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि अक्षय ऊर्जा के साथ पर्यावरण संतुलन भी सुनिश्चित हो सके।
22.
अरावली संरक्षण और हरित विकास के लिए बड़े बजटीय प्रावधान
अरावली पर्वतमाला के संरक्षण हेतु करीब 130 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत लगभग 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में मजबूत परकोटा (दीवार), जल संरक्षण संरचनाएं और व्यापक स्तर पर बीजारोपण कार्य कराया जाएगा।
अवैध खनन गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिस पर भी लगभग 130 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
वन भूमि के स्थान पर वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के लिए सरकार 1000 करोड़ रुपये का लैंड बैंक स्थापित करेगी।
वन क्षेत्र की क्षतिपूर्ति संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से यह लैंड बैंक परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति दिलाने में सहायक होगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
आगामी वर्ष प्रदेशभर में 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कर्ण नरेंद्र, जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय में प्राकृतिक खेती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
सभी जिलों में पर्यावरण अनुकूल दाह संस्कार केंद्र विकसित किए जाएंगे, ताकि पारंपरिक प्रक्रियाओं में प्रदूषण कम हो।
राज्य में कार्बन क्रेडिट रेटिंग के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिससे हरित पहलों को बढ़ावा मिल सके।
23.
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि
आगामी वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,19,408 करोड़ रुपये का प्रावधान। लगभग 69 हजार करोड़ रुपये समेकित निधि से व्यय।
आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत अधिक, राज्य की कुल अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में देखें तो कृषि बजट का आकार राज्य के जीएसडीपी का 5.55 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
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बहुत ही शानदार प्रस्तुतीकरण बजट का
thanks sir