
‘सरस मायरा योजना’ से बेटियों को संबल, 504 परिवारों की बेटियों को लाभ
जयपुर डेयरी की ‘सरस मायरा योजना’ से बेटियों को नया संबल, 504 से ज्यादा परिवारों की बेटियों के विवाह में भरा मायरा
दुग्ध किसान परिवारों की बेटियों को मिला सम्मान, सहकारिता से बदली सामाजिक तस्वीर
सामाजिक सरोकारों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा जयपुर दुग्ध संघ
विवाह अवसर पर ₹21,000 की मायरा राशि से मिला आर्थिक संबल
राज्य सरकार स्तर पर भी मिल चुकी है योजना को सराहना, 4 अप्रैल 2025 से हुई थी शुरू
एक परिवार की दो बेटियों तक मिलता है योजना का लाभ
सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की प्रेरणादायी मिसाल बनी जयपुर डेयरी
जयपुर, dusrikhabar.com। राजस्थान में डेयरी सहकारिता केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त जरिया भी बनती जा रही है। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा संचालित ‘सरस मायरा योजना’ आज दुग्ध उत्पादक परिवारों की बेटियों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा की प्रतीक बन चुकी है। यह योजना ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक भरोसेमंद और जनभागीदारी आधारित पहल के रूप में उभर रही है।
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सामाजिक सरोकारों के साथ आगे बढ़ रही जयपुर डेयरी
जयपुर दुग्ध संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश पूनिया के मार्गदर्शन और प्रबंध संचालक मनीष फौजदार के नेतृत्व में संघ सामाजिक दायित्वों से जुड़ी योजनाओं को निरंतर, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू कर रहा है। इसी कड़ी में संघ की कार्यप्रणाली ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव का कारण बन रही है।

विवाह अवसर पर ‘सरस मायरा’ से मिला सम्मान
संघ के कार्यक्षेत्र अंतर्गत बिदायका जोन की दुग्ध समिति लोछब की ढाणी (कोड 1117) से जुड़ी दुग्ध उत्पादक चन्दा देवी की पुत्री कल्पना लोछब के विवाह समारोह में ‘सरस मायरा योजना’ के तहत ₹21,000 की मायरा राशि का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता सीधे तौर पर बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग का मजबूत आधार बन रही है।
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सामूहिक सहभागिता ने बढ़ाया उत्सव का उल्लास
इस अवसर पर आसपास की दुग्ध समितियों के सचिव, पदाधिकारी, दुग्ध उत्पादक एवं संघ के अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए। सभी ने अपनी ओर से कन्या को मायरा भेंट कर सामूहिक सामाजिक सहभागिता का परिचय दिया। माता और पुत्री को उपहार स्वरूप वस्त्र भेंट कर कन्यादान की परंपरा निभाई गई। डीजे की धुनों पर ग्रामीणों और दुग्ध उत्पादकों द्वारा सामूहिक रूप से मायरा भरने का दृश्य कार्यक्रम को परंपरा और उत्सव से भर गया।
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प्रबंधक, जयपुर डेयरी, मनीष फौजदार
प्रबंध संचालक ने क्या कहा
इस मौके पर प्रबंध संचालक मनीष फौजदार ने कहा कि ‘सरस मायरा योजना’ डेयरी सहकारिता से जुड़ी महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना को राज्य सरकार स्तर पर भी सराहना मिली है, जो इसकी सामाजिक प्रासंगिकता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।
योजना और उसमें प्रावधान, कितने परिवार लाभान्वित
‘सरस मायरा योजना’ की शुरुआत 4 अप्रैल 2025 को की गई थी। योजना के तहत पात्र दुग्ध उत्पादक परिवारों की पुत्रियों के विवाह अवसर पर ₹21,000 की मायरा सहायता राशि दी जाती है। यह लाभ एक दुग्ध उत्पादक की अधिकतम दो बेटियों तक प्रदान किया जाता है। अब तक इस योजना के माध्यम से 504 से ज्यादा दुग्ध उत्पादक परिवारों की बेटियों के विवाह में मायरा राशि प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ग्रामीण समाज में कितनी गहराई तक अपनी पहुंच बना चुकी है।
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सहकारिता से सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
जयपुर दुग्ध संघ की ‘सरस मायरा योजना’ आज सहकारिता के जरिए सामाजिक उत्तरदायित्व, नारी सम्मान और ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। यह पहल न केवल बेटियों को संबल दे रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
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