वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को पुत्र शोक 

स्कीइंग दुर्घटना के बाद अचानक कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत

अमेरिका में स्कीइंग के बाद अस्पताल में थे उपचार, अचानक हार्ट अटैक से हुई मौत

अनिल अग्रवाल ने भावनात्मक पोस्ट में कहा-“आज मेरे जीवन का सबसे बुरा दिन”

व्यवसाय और सामाजिक सेवा में अग्निवेश की भूमिका और परिवार का श्रद्धांजलि संदेश

विजय श्रीवासतव,

न्यूयॉर्क, dusrikhabar.com। बिजनेस जगत में एक मुश्किल दिन रहा है जब वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने जानकारी साझा की कि उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है। 49 वर्ष के अग्निवेश अग्रवाल का देहांत न्यूयॉर्क, अमेरिका में sudden cardiac arrest (अचानक हृदय गति रुकने) के कारण हुआ, जबकि वे स्कीइंग दुर्घटना के बाद उपचार के दौरान अस्पताल में ही थे। यह खबर उद्योग जगत और देशभर में गहरा शोक फैलाने वाली है।

read also: कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 8 जनवरी, गुरुवार, 2026

अमेरिका में स्कीइंग हादसा और गंभीर उपचार

अधिकारियों के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल को स्कीइंग करते समय चोटें आई थीं और उन्हें तुरंत Mount Sinai Hospital, New York में भर्ती किया गया था। हालांकि प्रारंभ में उन्नत चिकित्सा से उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अचानक आए cardiac arrest ने सब कुछ बदल दिया। 

अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बेटे के नुकसान को “आज मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन है” बताते हुए कहा कि वे अपने बेटे की खेल, संगीत और नेतृत्व की तमाम खूबियों को कभी नहीं भूलेंगे।

read also:लंग कैंसर और TB के लिए ब्रोंकोस्कोपी से इतर EBUS तकनीक बनी संजीवनी.!

निजी जीवन और पेशेवर सफर

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने एमेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की और बाद में Fujeirah Gold जैसी कंपनियों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वे Hindustan Zinc के चेयरमैन भी रहे थे, जहां उन्होंने व्यावसायिक प्रतिष्ठा और सम्मान दोनों कमाए।

अपने पिता ने व्यक्त किया कि अग्निवेश एक सरल, दयालु और गर्मजोशी भरे व्यक्तित्व के थे, जिन्होंने न केवल कारोबार में बल्कि समाज सेवा में भी योगदान दिया। वे ‘स्वराज, शिक्षा और रोजगार’ जैसी सामाजिक मूल्यों के समर्थक थे, और एक आत्मनिर्भर भारत के विचार में गहरी आस्था रखते थे।

read also:‘समंदर में डकैती कर रहा US’, वेनेजुएला से आ रहे तेल टैंकर की जब्ती पर भड़का रूस

अग्निवेश की व्यक्तिगत खूबियां और विरासत

अपने बेटे के बारे में अनिल अग्रवाल ने कहा कि आग्निवेश केवल उनके बेटे नहीं, बल्कि उनके मित्र, गर्व और दुनिया थे। उन्होंने याद किया कि अग्निवेश हर किसी से सहज और मानवीय व्यवहार करते थे, चाहे वह कोई मित्र हो या सहयोगी। 

अनिल अग्रवाल ने यह भी उल्लेख किया कि वे अग्निवेश के साथ साझा सपनों — कोई बच्चा भूखा न रहे, हर बच्चा पढ़ाई करे, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं के पास रोजगार हो — को पूरा करने का संकल्प दोबारा निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को और सादा और सेवाभाव से जीने का निर्णय किया है।

read also:लाश के 35 टुकड़े, पत्नी को प्रेशर कुकर में उबाला: कसाई बने पति-बॉयफ्रेंड; सेक्स, नफरत या बीमारी, क्या है वजह

जीवनभर की कमाई का 75फीसदी किया शैक्षणिक कार्यों के लिए दान 

आपको बता दें कि हाल ही में अनिल अग्रवाल ने 21000 करोड का निस्वार्थ दान किया था। जो कि उनकी जीवनभर की कमाई का 75प्रतिशत था। वेदांता ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल ने अपने जीवन की 75 प्रतिशत कमाई शैक्षणिक कार्यो के लिए दान करने का एलान किया था। वे भारत में ऑक्सफ़ोर्ड से भी बड़ी यूनिवर्सिटी बनाना चाहते है 21000 करोड़ अब तक किसी भारतीय के द्वारा दान की जाने वाली सबसे बड़ी रकम है। 

read also: उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ क्यों अलग पार्टी बनाने की पड़ी जरूरत? शिंदे गुट के दीपक केसरकर का बड़ा खुलासा

—————– 

#AgniveshAgarwal, #AnilAgarwal, #VedantaGroup, #BreakingNews, #BusinessLeaders, #NYCNews, #SkiingAccident, #CardiacArrest, Agnivesh Agarwal, Anil Agarwal, Vedanta Group, skiing accident, heart attack, Mount Sinai Hospital, business and social service

CATEGORIES
TAGS
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )

अपने सुझाव हम तक पहुंचाएं और पाएं आकर्षक उपहार

खबरों के साथ सीधे जुड़िए आपकी न्यूज वेबसाइट से हमारे मेल पर भेजिए आपकी सूचनाएं और सुझाव: dusrikhabarnews@gmail.com