विचारों, साहित्य और संस्कृति का वैश्विक महाकुंभ: JLF 15 से 19 जनवरी तक

विचारों, साहित्य और संस्कृति का वैश्विक महाकुंभ: JLF 15 से 19 जनवरी तक

15 से 19 जनवरी तक जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल का 19वां संस्करण

बांग्लादेश, नेपाल, यूरोप, चाइना, पाकिस्तान और यूनाइटेड नेशन को लेकर होगी चर्चा  

हिंदी, राजस्थानी पर फोकस वहीं भारतीय भाषाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

नोबेल विजेताओं से लेकर साहित्यकारों तक, दिग्गज वक्ताओं का जमावड़ा

साहित्य के साथ संगीत, संस्कृति और राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

संजॉय ने युवाओं से कहा- बिना बड़ा पैसा खर्च किए दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक और विचारकों को जानें और इनसे मिलकर अपनी नोलेज का लेवल बढ़ाएं

युवाओं के लिए खास 20 रुपए प्रतिदिन खर्च कर हो सकेंगे JLF के सभी सत्रों में शामिल

47 देशों से विजिटर्स होंगे हमारे इस जेएलएफ में शामिल

दूसरी खबर मीडिया के सबसे बड़ी चुनौती के सवाल पर बोले संजॉय- राजस्थान में हमारी सबसे बड़ी चुनौती स्पॉन्सर्स लाना

विजय श्रीवास्तव,

जयपुर, dusrikhabar.com। किताबों, विचारों और संवाद का दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 अपने 19वें संस्करण के साथ एक बार फिर जयपुर लौटने को तैयार है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित यह महोत्सव 15 से 19 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा। जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ़ेस्टिवल की प्रमुख झलकियां साझा की गईं। यह आयोजन न केवल साहित्य का उत्सव है, बल्कि यह विचार, बहस और सांस्कृतिक संवाद का एक वैश्विक मंच भी है।

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हिंदी साहित्य और क्षेत्रीय आवाज़ों का वैश्विक उत्सव

इस वर्ष जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2026 हिंदी भाषा, राजस्थानी आवाज़ों और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर विशेष फोकस के साथ आयोजित होगा। 19वां संस्करण दुनिया भर से लेखकों, चिंतकों, नीति-निर्माताओं, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाएगा।

प्रमुख वक्ताओं में जावेद अख़्तर, स्टीफ़न फ़्राय, सुधा मूर्ति, किरण देसाई, टिम बर्नर्स-ली, एस्तेर डुफ्लो, ऐन एप्पलबाउम, अभिषेक सिंह, अनामिका, गौर गोपाल दास, वीर दास, विश्वनाथन आनंद, लियो वराडकर और महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय और भारतीय नाम शामिल हैं, जो इस आयोजन को विचारों का वैश्विक संगम बनाते हैं।

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18 साल से कैसे चल रहा जेएलएफ, क्या है सबसे बड़ी चुनौती

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए JLF के प्रमुख आयोजक संजॉय ने कहा कि मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि बिना बड़ा पैसा खर्च किए दुनिया के मशहूर प्रोफेसर, वैज्ञानिक और विचारकों से यहीं मिलें और इनसे मिलकर अपनी नोलेज का लेवल बढ़ाएं, अपनी जिज्ञासाओं को शांत करें। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है उन्हें 17हजार डॉलर खर्च करके हावर्ड जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि केवल 20 रुपए प्रतिदिन खर्च कर हो वो JLF के सभी सत्रों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने जेएलएफ की चुनौतियों को लेकर कहा कि राजस्थान में हमारी सबसे बड़ी चुनौती स्पॉन्सर्स लाना है क्योंकि इस आयोजन में दुनियाभर से लोगों को एकत्र करना और उनकी व्यवस्थाएं करना आसान नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि इस बार जेएलएफ में दुनियाभर के 47 देशों से विजिटर्स शामिल हो रहे हैं। 

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महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार से साहित्यिक विरासत का सम्मान

जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल साहित्यिक उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 प्रदान करेगा। यह सम्मान कविता के क्षेत्र में गहन और स्थायी योगदान के लिए दिया जाता है।

राजस्थानी और हिंदी के महान कवि, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पद्मश्री महाकवि कन्हैयालाल सेठिया की स्मृति में स्थापित यह पुरस्कार 17 जनवरी 2026 को औपचारिक समारोह में प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि के साथ प्रदान किया जाएगा। प्रतिष्ठित जूरी में नमिता गोखले, सुकृता पॉल कुमार, रंजीत होस्कोटे और सिद्धार्थ सेठिया शामिल हैं।

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राजस्थान की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को बड़ा समर्थन

अपने 19वें वर्ष में भी जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल का केंद्र राजस्थान ही रहेगा। हर साल यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देता है। फ़ेस्टिवल से लगभग 2000 स्थानीय पेशेवरों को रोज़गार मिलता है, जिनमें तकनीकी संचालन, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, परिवहन और वालंटियर्स शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान के 60 से अधिक स्थानीय व्यवसाय फ़ेस्टिवल से जुड़ते हैं। फ़ेस्टिवल के दौरान 55 से 60 फ़ूड स्टॉल, हस्तशिल्प, मर्चेंडाइज़ और शिल्प समूहों की भागीदारी राजस्थान की स्थानीय कारीगरी और विरासत को वैश्विक पहचान दिलाती है।

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जयपुर बुकमार्क 2026: प्रकाशन और भाषाओं पर मंथन

फ़ेस्टिवल के साथ आयोजित होने वाला दक्षिण एशिया का प्रमुख प्रकाशन सम्मेलन जयपुर बुकमार्क अपने 13वें संस्करण में मराठी भाषा, अनुवाद, नई कहानी कहने की तकनीकों और प्रकाशन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर केंद्रित रहेगा।
रॉयल नॉर्वेजियन एम्बेसी कंट्री पार्टनर है, जबकि ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर इंडिया-यूके पब्लिशिंग फ़ेलोशिप को आगे बढ़ाया जाएगा। तमिलनाडु टेक्स्टबुक ब्यूरो, सेज पब्लिकेशन्स और महाराष्ट्र सरकार का मराठी भाषा विभाग भी इसमें सहभागी होंगे।

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साहित्य के साथ संगीत का रंग

फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर म्यूज़िक स्टेज एक बार फिर साहित्य के साथ संगीत का अनूठा संगम पेश करेगा। 2026 के लाइन-अप में सौमिक दत्ता | ट्रैवलर्स, वासु दीक्षित कलेक्टिव, परवाज़, रमन नेगी, थैकुदम ब्रिज और गौली भाई जैसे कलाकार शामिल हैं। इसमें शास्त्रीय संगीत, क्षेत्रीय लोक अभिव्यक्तियां, स्वदेशी कोरल परंपराएँ और लय-प्रधान समूह शामिल होते हैं।

2026 कार्यक्रम में नादा — स्वर और शांति के बीच, ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा के नेतृत्व में एक चिंतनशील कर्नाटक संगीत समूह; भोपा समुदाय की मौखिक विरासत को संजोए राजस्थानी लोकगायिका भंवरी देवी; शास्त्रीय ताल परंपराओं की खोज करता नवाचारी समूह ताल फ़्राई; नागालैंड की लोकधुनों और कोरल परंपराओं से उपजा आओ नागा कॉयर; तथा कश्मीर की संगीत विरासत से प्रेरित ध्यानपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध नवाब ख़ान और द मंत्रा बैंड शामिल हैं।

ये सभी प्रस्तुतियां भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक पहचान को प्रतिबिंबित करती हैं, जहां संगीत स्मृति का वाहक भी है और एक जीवंत समकालीन रचनात्मक शक्ति भी।

वहीं इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित मॉर्निंग म्यूज़िक कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय, लोक और क्षेत्रीय संगीत परंपराओं की विविधता को सामने लाएगा।

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साझेदार और समर्थन

वेदांता द्वारा प्रस्तुत इस संस्करण को इन्फोसिस फ़ाउंडेशन और एमएसएफ़ फ़ाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है। मीडिया साझेदारों में बिज़नेस स्टैंडर्ड, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, मलयाला मनोरमा, सकाल, पंजाब केसरी, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस और जियो न्यूज़ शामिल हैं, जो फ़ेस्टिवल की पहुँच को और व्यापक बनाएंगे।

जेएलएफ में जयपुर की बौद्धिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत: अपूर्व कुमार

क्लार्क्स ग्रुप ऑफ़ होटल्स के प्रबंध निदेशक अपूर्व कुमार ने कहा, “जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल एक ऐतिहासिक आयोजन है जो जयपुर की बौद्धिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत को दिखाता है। होटल क्लार्क्स आमेर में एक बार फिर इसकी मेज़बानी करना हमारे लिए गर्व की बात है और यह फ़ेस्टिवल इस क्षेत्र में टूरिज्म और हास्पिटैलिटी के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।“

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अपडेट जारी है…

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