
‘आत्मनिर्भर धागे’ पहल से महिलाओं को मिली नई उड़ान, राजीविका-केपीजी…
‘आत्मनिर्भर धागे’ पहल से महिलाओं को मिली नई उड़ान, कौशल और रचनात्मकता से खुल रहे रोजगार के रास्ते
राजवीका और केपीजी / एनआईएफ ग्लोबल जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन
6 दिवसीय प्रशिक्षण सफल, 35 महिलाओं ने लिया हिस्सा
फैशन शोकेस में दिखा पारंपरिक शिल्प और आधुनिक डिजाइन का अनोखा संगम
ब्रांडिंग, डिजाइन और बाजार से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर, dusrikhabar.com। जयपुर में आयोजित ‘आत्मनिर्भर धागे’ प्रशिक्षण कार्यक्रम ने स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को कौशल, रचनात्मकता और उद्यमिता के जरिए आत्मनिर्भर बनने का मजबूत मंच दिया। राजवीका और केपीजी/एनआईएफ ग्लोबल जयपुर की इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।
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राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजवीका) और कमला पोद्दार संस्थान (केपीजी/एनआईएफ ग्लोबल जयपुर) के संयुक्त तत्वावधान में 1 से 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित ‘आत्मनिर्भर धागे’ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस छह दिवसीय प्रशिक्षण में 35 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने भाग लेकर अपने हुनर को निखारा।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन आयोजित फैशन शोकेस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह मंच उनकी रचनात्मकता, डिजाइन कौशल और उद्यमिता क्षमता को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम बना।
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पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का संगम
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को हैंड्स-ऑन एक्सपोजर के माध्यम से पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन तकनीकों का ज्ञान दिया गया।
- टाई-एंड-डाई साड़ियां
- आधुनिक कट के परिधान (फ्लोई सिल्हूट)
- एप्लिक डिजाइन दुपट्टे
- क्विल्टेड बैग
इन उत्पादों में पारंपरिक शिल्प कौशल और आधुनिक सौंदर्यबोध का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
यह कार्यक्रम राजवीका के ‘उन्नति सेल’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं की नॉन-फार्म लाइवलीहुड को मजबूत करना है। इसके तहत ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सुधार, बाजार तक बेहतर पहुंच और प्रदर्शन के नए अवसर पैदा करना है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
उद्योग और शिक्षा से जुड़ाव
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने प्रतिभागियों को मेंटरशिप दी। इस पहल ने उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और SHG समूहों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे महिलाओं की क्षमताओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
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कार्यक्रम में रही गरिमामयी उपस्थिति
समापन समारोह में राजवीका की परियोजना निदेशक प्रीति सिंह, केपीजी निदेशक अभिषेक पोद्दार, रोमा पोद्दार और डॉ. रमनिका कौर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल बताया।
‘आत्मनिर्भर धागे’ कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि बड़े स्तर पर उद्यम भी स्थापित कर सकती हैं। यह पहल राजस्थान में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।
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