
शेखावाटी को मिलेगा यमुना जल: 32 हजार करोड़ की परियोजना को मिलेगी गति
2026-27 में शुरू होगा यमुना जल परियोजना का काम
हरियाणा से अलाइनमेंट पर लिखित सहमति, संयुक्त डीपीआर जल्द होगी प्रस्तुत
हथिनीकुंड बैराज से पानी लाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल
बजट 2026-27 में 32 हजार करोड़ का प्रावधान, शेखावाटी के लिए बड़ी राहत
महावीर,
जयपुर,dusrikhabar.com। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल परियोजना को लेकर उसकी प्रतिबद्धता अडिग है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि हथिनीकुंड बैराज से शेखावाटी तक पानी पहुंचाने के लिए हरियाणा की ओर से प्रस्तावित अलाइनमेंट पर लिखित स्वीकृति मिल चुकी है। अब संयुक्त डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को भेजी जाएगी और वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना पर कार्य प्रारंभ करने की तैयारी है।
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एमओयू से अलाइनमेंट स्वीकृति तक: क्या है अब तक की प्रगति?
जल संसाधन मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने हरियाणा के साथ अपने हिस्से का यमुना जल लाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में 17 फरवरी 2024 को राजस्थान और हरियाणा के बीच संयुक्त डीपीआर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों राज्यों ने एक संयुक्त टास्क फोर्स गठित की, जिसके नियुक्त सलाहकारों ने अलाइनमेंट का सुझाव दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि उस अलाइनमेंट पर हरियाणा सरकार की लिखित स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। यह कदम शेखावाटी यमुना जल परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।
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2026-27 में शुरू होगा निर्माण कार्य
मंत्री रावत ने बताया कि दोनों राज्यों द्वारा तैयार की जा रही संयुक्त डीपीआर शीघ्र ही केंद्रीय जल आयोग को सौंपी जाएगी। इसके बाद विभिन्न विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
राज्य बजट 2026-27 में इस महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना के लिए 32 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इतनी बड़ी राशि का बजटीय आवंटन इस बात का संकेत है कि सरकार इस योजना को प्राथमिकता दे रही है।
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शेखावाटी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
यह परियोजना सीकर, चूरू, झुंझुनूं सहित शेखावाटी क्षेत्र के अन्य हिस्सों के लिए पिछले 30 वर्षों से प्रतीक्षित समाधान मानी जा रही है। मंत्री के अनुसार, यमुना जल की उपलब्धता से क्षेत्र में पेयजल संकट दूर होगा और अन्य आवश्यक जरूरतें भी पूरी की जा सकेंगी। परियोजना से पेयजल आपूर्ति में स्थायित्व, सामाजिक व शैक्षणिक ढांचे में सुधार, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा और स्वास्थ्य मानकों में सुधार जैसे व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।
वर्ष भर जल उपलब्धता के लिए तीन बांध प्रस्तावित
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज के ऊपर यमुना बेसिन में तीन बांधों के निर्माण का प्रस्ताव है, ताकि वर्ष भर यमुना जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इनमें से रेणुकाजी और लखवार बांधों का निर्माण कार्य पहले से प्रगतिरत है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद शेखावाटी को नियमित जल आपूर्ति का आधार मजबूत होगा।
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सरकार का दावा: ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम
सरकार का कहना है कि यह पहल केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि शेखावाटी क्षेत्र के समग्र विकास का आधार है। केंद्र और राज्य के समन्वय से आगे बढ़ रही यह योजना आने वाले वर्षों में राजस्थान के जल प्रबंधन ढांचे को नई दिशा दे सकती है।
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