
कोटा: ओम बिरला ने किया जल संसाधन भवन का लोकार्पण, मंत्री सुरेश रावत…
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने परियोजनाओं में देरी पर जताई सख्ती
12 करोड़ की लागत से बना आधुनिक भवन, विभागीय कार्यों को मिलेगी रफ्तार
बैठक में ‘RRR कार्यों’ की गुणवत्ता पर नाराजगी, लापरवाह ठेकेदारों किए जाएंगे ब्लैकलिस्ट
रामगंजमंडी और सिंचाई परियोजनाओं पर फोकस, बारिश से पहले नहरों की सफाई जरूरी
महावीर सिंह
कोटा, dusrikhabar.com। कोटा में जल संसाधन भवन लोकार्पण के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा में सख्ती देखने को मिली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं में देरी और खराब गुणवत्ता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए कार्यों को गति देने पर जोर दिया।
कोटा के नयापुरा क्षेत्र में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बने “जल संसाधन भवन” का रविवार को भव्य लोकार्पण किया गया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह आधुनिक चार मंजिला भवन विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण देगा, जिससे काम की गति और पारदर्शिता बढ़ेगी।
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लोकार्पण के बाद आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत भी मौजूद रहे। बैठक में कोटा-बूंदी सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे जल संसाधन परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
गुणवत्ता और देरी पर सख्त रुख
बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने “RRR कार्यों” की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि खराब काम करने और देरी करने वाले संवेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे ठेकेदारों को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय करें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि कार्य समय पर पूरे हो सकें।
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सिंचाई योजनाओं पर विशेष जोर
रामगंजमंडी के असिंचित क्षेत्रों को तकली मध्यम सिंचाई परियोजना से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। बिरला ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के गांधी सागर से पानी लाकर बांध की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर जल्द फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके साथ ही पाटली परियोजना और सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
नहरों की सफाई और जल प्रबंधन
बैठक में बूढ़ादीत और इटावा क्षेत्रों में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या पर चर्चा हुई। बिरला ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले मुख्य नहरों की सफाई पूरी की जाए और जलभराव वाले क्षेत्रों के स्थायी समाधान की योजना बनाई जाए। झाड़गांव के पास साइफन निर्माण प्रस्ताव को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
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अन्य प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में परवन परियोजना, ERCP, रामपुरिया-गौहाटा एक्वाडक्ट, मेज बैराज, आलनिया और चाकण बांध सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। साथ ही गेण्डोली-फैलाई परियोजना में आ रही मेंटेनेंस समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि बूंदी जिले के गुहारा गांव में देश का सबसे बड़ा एक्वाडक्ट निर्माणाधीन है, जिसमें अब तक हजारों पाइल का कार्य पूरा हो चुका है।
जल संसाधन मंत्री का बयान
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि सभी प्रगतिरत परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और DPR तैयार करने से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
बैठक में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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