
अंतरराष्ट्रीय क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस में इम्यूनोथेरेपी के दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा
चेन्नई में आयोजित 32वीं इंटरनेशनल क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस में 4000 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी
गीतांजली मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रमोद सूद को फैकल्टी के रूप में मिला आमंत्रण, शोध कार्यों का किया मूल्यांकन
नई कैंसर दवाओं और उनके दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञों के बीच हुआ गहन मंथन
उदयपुर, dusrikhabar.com। चेन्नई (तमिलनाडु) में आयोजित 32वीं अंतरराष्ट्रीय क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रमोद सूद ने महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश के 4000 से अधिक क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहां आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और नई दवाओं के प्रभावों पर गहन चर्चा की गई।
अपने व्याख्यान में उन्होंने “Immune Related Adverse Events: New Drugs, New Troubles” विषय पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कैंसर उपचार के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार कीमोथेरेपी से टार्गेट थेरेपी और अब इम्यूनोथेरेपी तक उपचार की नई तकनीकें विकसित हुई हैं। उन्होंने अपने संबोधन में नई दवाओं जैसे BITES, CAR-T, LAG-3 समूह की दवाएं और Antibiotic Drug Conjugates (ADC) के उपयोग और उनके प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. सूद ने बताया कि इन आधुनिक उपचार पद्धतियों से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय, फेफड़े, गुर्दे, त्वचा और अंतःस्रावी ग्रंथियों पर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से Cytokine Release Syndrome और Immune Effector Cell Neurotoxicity जैसी जटिल स्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपने व्याख्यान में उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे जटिल मामलों में कई बार मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और उनके उपचार प्रबंधन के लिए विशेष चिकित्सकीय रणनीति अपनानी होती है। व्याख्यान के बाद इस विषय पर सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों के बीच गहन विचार-विमर्श भी किया गया, जिसमें आधुनिक कैंसर उपचार और उससे जुड़े दुष्प्रभावों के बेहतर प्रबंधन पर चर्चा हुई।
—————
#Critical Care Conference, #Immunotherapy Side Effects, #Dr Pramod Sood, #Geetanjali Medical College, #Cancer Treatment Research, इम्यूनोथेरेपी दुष्प्रभाव, डॉ प्रमोद सूद, क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस, गीतांजली मेडिकल कॉलेज, कैंसर उपचार नई तकनीक
