
वाणिज्यिक न्यायालय का बड़ा फैसला, सरस जैसे नाम से घी बेचने पर रोक
‘श्री पार्श्व सारस’ ब्राण्ड पर कोर्ट ने लगाई रोक
RCDF के पक्ष में फैसला, 50 हजार रुपए क्षतिपूर्ति के आदेश
उपभोक्ताओं को भ्रामक ब्राण्ड से मिलेगी राहत
जयपुर,dusrikhabar.com। जयपुर के वाणिज्यिक न्यायालय ने एक अहम फैसले में सरस ब्राण्ड से मिलते-जुलते नाम से घी के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
वाणिज्यिक न्यायालय क्रम-2, जयपुर महानगर द्वितीय ने RCDF (राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन) के पक्ष में बड़ा निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने ‘श्री पार्श्व सारस’ नाम से घी का उत्पादन और बिक्री करने वाली पाली की फर्म मैसर्स रत्नदीप मिल्क प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी है।
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न्यायालय ने माना कि सरस ब्राण्ड एक प्रतिष्ठित और पंजीकृत ट्रेडमार्क है, जिसका दुरुपयोग कर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा रहा था। इस पर कोर्ट ने फर्म को 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति RCDF को देने के आदेश दिए हैं। साथ ही, संबंधित ब्राण्ड के उत्पादन से जुड़े सभी सामान को नष्ट करने का भी निर्देश दिया गया है।
RCDF की ओर से अधिवक्ता यशवर्धन सिंह ने कोर्ट में दलील दी कि ट्रेडमार्क उल्लंघन के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा प्रभावित हो रहा था।
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इस फैसले को भ्रामक ब्राण्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उपभोक्ताओं के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब बाजार में सरस ब्राण्ड के असली उत्पादों की पहचान और गुणवत्ता पर भरोसा और मजबूत होगा।
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