राजस्थान में बीसलपुर बांध ने बनाए 7 बड़े रिकॉर्ड

राजस्थान में बीसलपुर बांध ने बनाए 7 बड़े रिकॉर्ड

बीसलपुर बांध में 22 साल में पहली बार दिसंबर में भी खुले रहे बांध के गेट

131 दिनों से लगातार जारी है बीसलपुर से पानी की निकासी

एक सीजन में 140 टीएमसी से ज्यादा पानी छोड़ा गया, डैम तीन बार से अधिक भर सकता था

जयपुर,dusrikhbar.com। राजस्थान की लाइफलाइन कहलाने वाले बीसलपुर बांध ने इस साल इतिहास रच दिया है। पहली बार दिसंबर में बांध के गेट खुले रहे हैं। इसी के साथ बांध ने इस वर्ष 7 बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। बीसलपुर से अब तक इतनी पानी निकासी हो चुकी है कि डैम को तीन बार से ज्यादा भरा जा सकता था। 131 दिनों से लगातार पानी छोड़ा जाना इस बांध के 22 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि बांध की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जयपुर, टोंक और अजमेर को अगले तीन साल तक बिना बारिश के भी पेयजल आपूर्ति की जा सकती है।

दिसंबर में पहली बार खुले गेट—इतिहास में दर्ज हुआ नया रिकॉर्ड

बीसलपुर बांध अपनी 315.50 आरएल मीटर की पूर्ण भराव क्षमता तक इस वर्ष कई बार पहुंचा। सोमवार को बांध का गेट दिसंबर माह में पहली बार खुला रहा, जो एक नया रिकॉर्ड है। बांध के AEN दिनेश बैरवा के अनुसार, इस सीजन में अब तक 140 टीएमसी से अधिक पानी निकासी की जा चुकी है—जो पिछले 22 सालों का सर्वोच्च स्तर है।

लगातार 131 दिनों तक पानी निकासी—सबसे लंबा अवधि रिकॉर्ड

पहली बार बांध से 131 दिन लगातार पानी निकासी की गई। बांध अभी भी लबालब भरा हुआ है और एक गेट को 0.10 मीटर खोलकर 601 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड निकल रहा है। इसके साथ ही बीसलपुर ने कई अन्य रिकॉर्ड भी बनाए:

इस साल बने 7 बड़े रिकॉर्ड

  • दिसंबर में पहली बार गेट खुला रहना

  • एक सीजन में सबसे ज्यादा पानी निकासी

  • लगातार दूसरे साल गेट खोलना

  • जुलाई में पहली बार गेट खोलना

  • अक्टूबर में दोबारा गेट खोलना

  • नवंबर में गेट खुले रहना

  • सबसे ज्यादा दिनों (131) तक पानी निकासी

जल संरक्षण और मछली पालन से करोड़ों की आय

बांध में मछली पालन भी बड़े पैमाने पर होता है, जिससे सरकार को 6 करोड़ रुपए से अधिक की वार्षिक आय होती है। बांध की भौगोलिक संरचना भी इसे राजस्थान का महत्वपूर्ण जल स्त्रोत बनाती है।

बांध की संरचना और डूब क्षेत्र

  • कुल 18 गेट, आकार 15×14 मीटर

  • लंबाई 576 मीटर, ऊंचाई 322.50 मीटर (समुद्र तल से)

  • डूब क्षेत्र में 68 गांव, जिनमें 25 गांव पूर्ण रूप से और 43 गांव आंशिक रूप से जलमग्न

  • कुल जलभराव क्षेत्र 25 किलोमीटर, जिसमें 21,300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न

कृषि सिंचाई का आधार—83 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलता है पानी

बीसलपुर बांध की दो बड़ी नहरों के माध्यम से 83,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।
पहली नहर—51.70 किमी, दूसरी—18.65 किमी
इनसे क्रमश:

  • 69,393 हेक्टेयर एवं

  • 12,407 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती को पानी मिलता है।

बनास नदी में सालों से कितनी हुई पानी निकासी (आकंड़े)

  • 2004 – 26.18 TMC

  • 2006 – 43.25 TMC

  • 2014 – 11.202 TMC

  • 2016 – 134.238 TMC

  • 2019 – 93.605 TMC

  • 2022 – 13.246 TMC

  • 2024 – 31.433 TMC

  • 2025 (इस साल)135 TMC से अधिक, और निकासी जारी

कितना पानी किसके लिए आरक्षित है?

XEN मनीष बंसल के अनुसार:

  • 8 TMC – टोंक जिले की सिंचाई

  • 16.2 TMC – पेयजल

  • 8.15 TMC – वाष्पीकरण व अन्य उपयोग

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