
1 अप्रैल से बदलेंगे ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम, प्रदेश में नए संकट की…!
राजस्थान में प्राइवेट बस-टैक्सी ऑपरेटर्स पर नया संकट
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के 1 अप्रेल से सरकार बदल रही नियम
रास्ते में सवारी बैठाने पर होगी कार्रवाई
दूसरे राज्यों से रजिस्ट्रेशन पर रोक, 8 हजार से ज्यादा बस ऑपरेटर्स पर सीधा असर
महावीर सिंह,
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स और टैक्सी संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल से लागू किए जा रहे नए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम के तहत अब दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन करवाकर संचालन करना मुश्किल हो जाएगा, जिससे हजारों बसों के संचालन पर असर पड़ेगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय 1 अप्रैल से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसका सीधा असर उन वाहनों पर पड़ेगा, जो एक राज्य में रजिस्ट्रेशन करवाकर दूसरे राज्यों में ऑपरेट हो रहे हैं। राजस्थान में ऐसी 8 हजार से ज्यादा प्राइवेट बसें रोजाना संचालित होती हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन अन्य राज्यों में है। नए नियम लागू होने के बाद इन बसों के संचालन पर संकट गहरा सकता है।
read also:कैसा रहेगा आपका आज, क्या कहता है भाग्यांक? 26 मार्च, गुरुवार, 2026
ऑपरेटर्स के लिए बढ़ी मुश्किल
नए नियमों के अनुसार अब टूरिस्ट परमिट उसी राज्य से जारी होगा, जहां वाहन का रजिस्ट्रेशन है। साथ ही ऑपरेटर का व्यवसाय या निवास भी उसी राज्य में होना जरूरी होगा। इससे दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराकर टैक्स बचाने की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स का कहना है कि राजस्थान में टैक्स ज्यादा होने के कारण वे अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में गाड़ियां रजिस्टर कराते हैं।
read also:डेयरी विकास में नवाचारों पर प्रमुख सचिव वीएस भाले ने की RCDF की सराहना
टोल और चालान पर सख्ती
नए टूरिस्ट परमिट नियम में टोल भुगतान को लेकर भी सख्ती की गई है। अगर कोई वाहन नेशनल हाईवे से गुजरता है और टोल का भुगतान नहीं करता है, तो उसे बकाया माना जाएगा। ऐसी स्थिति में परमिट जारी या रिन्यू करने में दिक्कत आ सकती है। वहीं, 45 दिन से ज्यादा पुराने चालान लंबित होने पर पहले उनका निपटान जरूरी होगा।
दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच
अब परमिट के लिए आवेदन करते समय वाहन के सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन होगी। इसमें बीमा, फिटनेस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और टैक्स की स्थिति जांची जाएगी। अगर कोई दस्तावेज अधूरा या एक्सपायर पाया गया तो टूरिस्ट परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
read also:“सिटी ऑफ हण्ड्रेड आइलैंड्स” बांसवाड़ा को पर्यटन हब बनाने की तैयारी…!
रास्ते में सवारी बैठाने पर एक्शन
नए नियमों के तहत अब रास्ते में सवारी बैठाने या बिना सूची के यात्रियों को ले जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। ऑपरेटर्स को हर समय यात्रियों की पूरी सूची और यात्रा का रूट साथ रखना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टूरिस्ट परमिट वाहन को बस सर्विस की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
किन वाहनों को मिलेगी राहत
ये नियम केवल उन वाहनों पर लागू होंगे, जिनका परमिट 1 अप्रैल के बाद जारी या रिन्यू होगा। जिन वाहनों के पास पहले से वैध परमिट है, वे उसकी अवधि तक पुराने नियमों के तहत चल सकेंगे।
पहले भी हो चुका विरोध
फरवरी के आखिरी सप्ताह में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने परिवहन विभाग की कार्रवाई के विरोध में हड़ताल की थी, जिसमें करीब 35 हजार बसें बंद रही थीं। ऑपरेटर्स का आरोप था कि विभाग मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है, जबकि विभाग का कहना था कि केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ही एक्शन लिया जा रहा है।
टैक्स को लेकर विवाद
प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का कहना है कि एक ओर सरकार ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत व्यापार को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ऑपरेटर्स पर भारी टैक्स लगाया जा रहा है।
read also:पाक क्रिकेटर इमाद वसीम की पर्सनल लाइफ में बवाल, एक्स वाइफ ने नई पत्नी को सोशल मीडिया पर किया एक्सपोज
वहीं परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के अनुसार महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में टैक्स राजस्थान से भी ज्यादा है और टैक्स दरों का निर्णय सरकार के स्तर पर होता है।
—————
Rajasthan Transport, Bus Operators, Tourist Permit, Transport Rules, Road Ministry, Private Bus Strike, India Transport News, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम, प्राइवेट बस ऑपरेटर्स राजस्थान, टूरिस्ट वाहन नियम 2026, राजस्थान बस टैक्स, सवारी बैठाने पर कार्रवाई,
