पहले बेहतर इंसान बनो, फिर अच्छे डॉक्टर: गीतांजलि हॉस्पिटल चेयरमैन जेपी अग्रवाल का MBBS ऑरिएंटेशन में स्टूडेंट्स को संदेश

पहले बेहतर इंसान बनो, फिर अच्छे डॉक्टर: गीतांजलि हॉस्पिटल चेयरमैन जेपी अग्रवाल का MBBS ऑरिएंटेशन में स्टूडेंट्स को संदेश

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में MBBS बैच 2026 का स्वागत

व्हाइट कोट पहनकर विद्यार्थियों ने चिकित्सा सेवा की ली नई जिम्मेदारी

19वें ओरिएंटेशन कार्यक्रम में जे.पी. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल ने मेहनत, अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर सीखने का दिया संदेश

कहा:- पहले अच्छा इंसान बनें, फिर अच्छे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करें

विजय श्रीवास्तव

उदयपुर, dusrikhabar.com। डॉक्टर बनने का सफर केवल किताबों, परीक्षाओं और डिग्री तक सीमित नहीं होता। इसके साथ जुड़ी होती है इंसान की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और लगातार सीखते रहने का संकल्प। इसी भावना के साथ गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (GMCH), उदयपुर में एमबीबीएस बैच 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए 19वें ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

गीतांजलि यूनिवर्सिटी के स्व. श्रीमती नर्मदा देवी सभागार में आयोजित समारोह में नए विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्हाइट कोट सेरेमनी रही, जिसमें वरिष्ठ प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को श्वेत एप्रन पहनाकर चिकित्सा क्षेत्र में उनकी नई यात्रा के लिए आशीर्वाद दिया।

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चिकित्सा शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों की सीख

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजलि समूह के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल रहे। समारोह में राजस्थान पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी राजेन्द्र गोयल, गीतांजलि समूह के कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल, गीतांजलि यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. आर.के. व्यास और मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. संगीता गुप्ता सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत गणेश वंदना और ईश्वर का आशीर्वाद लेकर हुई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की नई दुनिया से परिचित कराने के साथ यह संदेश भी दिया गया कि एक सफल डॉक्टर बनने के लिए ज्ञान, कौशल और मानवीय संवेदनशीलता तीनों का संतुलन जरूरी है।

अस्पताल की सुविधाओं से लेकर पाठ्यक्रम तक की जानकारी

जीएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरप्रीत सिंह ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को अस्पताल के बुनियादी ढांचे, उपलब्ध सुविधाओं तथा चिकित्सा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। वहीं, अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. मनजिंदर कौर ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम, पाठ्येतर गतिविधियों और शैक्षणिक जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

नए माहौल में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ संस्थान की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कैंपस में उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक गतिविधियों के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम में डॉ. जितेन्द्र जींगर ने रैगिंग-रोधी जागरूकता सत्र लिया। उन्होंने रैगिंग के दुष्परिणामों और इससे बचाव के उपायों पर जानकारी दी। साथ ही संस्थान की रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाती है।

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पहले बेहतर इंसान बनो, फिर अच्छे डॉक्टर: गीतांजलि हॉस्पिटल चेयरमैन जेपी अग्रवाल का MBBS ऑरिएंटेशन में स्टूडेंट्स को संदेश

गीतांजलि मेडिकल कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल

पढ़ाई के साथ कैंपस में अपनापन भी जरूरी: अंकित अग्रवाल

गीतांजलि समूह के कार्यकारी निदेशक अंकित अग्रवाल ने नए बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए संस्थान के प्रति अपना दृष्टिकोण साझा किया।

उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन को केवल पढ़ाई और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए कैंपस में अपनापन महसूस करना भी जरूरी है, क्योंकि सकारात्मक माहौल उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में टीम भावना, आत्मविश्वास और सामाजिक समझ विकसित करने में मदद करती हैं।

उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों की सुविधाओं और उनके समग्र विकास पर प्रबंधन का ध्यान बना रहेगा।

सोशल मीडिया की तात्कालिक खुशी नहीं, मेहनत की सफलता पर दें ध्यान

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गीतांजलि ग्रुप चेयरमैन जेपी अग्रवाल।

मुख्य अतिथि गीतांजलि समूह के चेयरमैन जे.पी. अग्रवाल ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करने और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने के लिए डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल को लगातार बेहतर बनाना भी जरूरी है।

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विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर रील्स देखने से मिलने वाली क्षणिक संतुष्टि और मेहनत के बाद मिलने वाली उपलब्धि के बीच अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक खुशी उस सफलता में है, जिसे व्यक्ति अपने प्रयासों, अनुशासन और निरंतर सीखने से हासिल करता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन स्वयं को बेहतर बनाने की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाएं। रोजाना किया गया सकारात्मक सुधार भविष्य में बड़े परिणाम दे सकता है। शुरुआत से ही मजबूत शैक्षणिक आधार तैयार करने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने से चिकित्सा के लंबे सफर में मदद मिलेगी।

बेहतर डॉक्टर बनने के लिए समय और तनाव प्रबंधन भी जरूरी

जे.पी. अग्रवाल ने मेडिकल विद्यार्थियों को पढ़ाई के दबाव के बीच संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने नियमित अध्ययन के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने, परिवार और मित्रों से जुड़े रहने तथा पाठ्येतर गतिविधियों में भाग लेने पर जोर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों से औसत प्रदर्शन से संतुष्ट होकर रुकने के बजाय अपनी मूल दक्षताओं (कोर कंपीटेंस) को विकसित करने और पेशेवर क्षमताओं को लगातार मजबूत बनाने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि विद्यार्थियों को अपनी योग्यता, अनुशासन और सीखने की क्षमता के आधार पर अलग पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए।

चेयरमैन जेपी अग्रवाल ने संबोधन के अंत में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही—अच्छा डॉक्टर बनने से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी है। चिकित्सा पेशे में तकनीकी ज्ञान के साथ मरीज की पीड़ा को समझना, उसके प्रति सम्मान रखना और संवेदनशील व्यवहार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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व्हाइट कोट सेरेमनी के साथ शुरू हुआ नया सफर

समारोह का भावनात्मक और महत्वपूर्ण पड़ाव व्हाइट कोट सेरेमनी रहा। इस दौरान जीएमसीएच के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने एमबीबीएस बैच 2026 के विद्यार्थियों को श्वेत एप्रन पहनाया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।

व्हाइट कोट चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश का प्रतीक होने के साथ मरीजों के प्रति जिम्मेदारी, सेवा और नैतिक आचरण की याद भी दिलाता है। नए विद्यार्थियों के लिए यह अवसर अपने चुने हुए पेशे के महत्व को समझने और भविष्य में जिम्मेदार चिकित्सक बनने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया।

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