
कोलकाता दुर्गा पूजा में पंडाल गिरा, चोरबागान पंडाल में भगदड़ से 17 लोगों के मरने की सूचना, 40 घायल…!
भीड़ के दबाव के बीच ढहा पंडाल का हिस्सा, मौके पर मची अफरा-तफरी
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, राहत और बचाव कार्य शुरू
हादसे पर ममता बनर्जी ने जताया दुख, कुणाल घोष की लोगों से अपील
91 साल पुरानी पूजा और ‘बियांड साउंड’ थीम के कारण चर्चा में था पंडाल
हेल्पलाइन नंबर जारी होने का दावा, हादसे के कारणों की जांच अहम
माही राठौड़
कोलकाता, dusrikhabar.com। दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच कोलकाता के उत्तर हिस्से में चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल में हादसे की खबर सामने आई है। सप्तमी की शाम भीड़ के दबाव के बीच पंडाल का एक हिस्सा ढहने के बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, करीब 40 लोग घायल हुए हैं और 17 लोगों के हताहत होने की आशंका जताई गई है। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों के मौके पर पहुंचने तथा राहत कार्य शुरू होने की बात कही गई है। हालांकि, मृतकों की संख्या और हादसे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन विवरणों को अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
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पंडाल में भीड़ बढ़ने से बिगड़े हालात, घायलों का अस्पताल में इलाज
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि हादसे के दौरान 40 लोग बेहोश हो गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और राहतकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
हादसे के बाद पंडाल में लोगों की आवाजाही रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के कदम उठाए जाने की खबरें भी सामने आईं। ऐसी घटनाओं में प्राथमिकता घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना, लापता लोगों की जानकारी जुटाना और भीड़ के दबाव को कम करना होती है।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। एक ओर कुछ मीडिया रिपोर्टों में मौतों की आशंका या अस्पताल सूत्रों के हवाले से 17 लोगों की मौत की खबर दी गई, वहीं इसलिए मृतकों की अंतिम संख्या की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से किया जाना आवश्यक है।
ममता बनर्जी ने जताया दुख, कुणाल घोष ने की सहयोग की अपील
दी गई जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राहत एवं बचाव कार्य को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने लोगों से चोरबागान क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की, ताकि बचावकर्मियों और एंबुलेंस को आने-जाने में परेशानी न हो। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों की मदद, घायलों का उपचार और भीड़ प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण विषय बनकर सामने आए।
91 साल पुरानी पूजा, ‘बियांड साउंड’ थीम बनी थी आकर्षण
चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा इस वर्ष अपने 91वें आयोजन और ‘बियांड साउंड’ थीम को लेकर चर्चा में थी। इस थीम को कलाकार सुशांत शिबानी पॉल ने तैयार किया था।
इसका उद्देश्य रोजमर्रा के शोर से अलग एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना था। पंडाल को दर्शकों के लिए 360-डिग्री अनुभव के अनुरूप तैयार किया गया था।
मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे।
हालांकि, उत्सव के दौरान हुई इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षित प्रवेश-निकास, भीड़ की सीमा, आपातकालीन रास्तों और पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।
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