जयपुर भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल का एक साल, क्या कहता है रिपोर्ट कार्ड

जयपुर भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल का एक साल, क्या कहता है रिपोर्ट कार्ड

जानिए क्या कहती है अमित गोयल की परफोर्मेंस?, क्या एक साल रहा बेमिसाल?

संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी पर फोकस

कार्यकारिणी सूची विवाद बना चर्चा का विषय

आरएसएस पृष्ठभूमि से प्रदेश प्रवक्ता तक का सफर

जयपुर,dusrikhabar.com। भारतीय जनता पार्टी के जयपुर शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। फरवरी 2025 में सर्वसम्मति से नियुक्त किए गए भाजपा जयपुर जिला अध्यक्ष के रूप में उनके पहले साल को संगठनात्मक सक्रियता, चुनावी तैयारी और एक विवादित फैसले के कारण विशेष रूप से याद किया जात रहेगा। जानिए उनके एक वर्ष के कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड

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सर्वसम्मति से हुई थी ताजपोशी

फरवरी 2025 में संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के दौरान अमित गोयल को जयपुर शहर भाजपा का जिला अध्यक्ष चुना गया। इस पद के लिए करीब 14 दावेदार मैदान में थे, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व की सहमति के बाद उनके नाम पर मुहर लगी। उल्लेखनीय है कि नया चेहरा और बेदाग छवि के कारण उनकी आंतरिक चुनाव में पहली रैंकिंग रही जिसके चलते उन्हें राजस्थान की राजधानी जैसे जिले का जिलाध्यक्ष बनाने का निर्णण हुआ था।

आपको बता दें कि अमित गोयल इससे पहले भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आते हैं और छात्र राजनीति में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। यही संगठनात्मक अनुभव उनके चयन का प्रमुख आधार माना गया।

पिछले एक वर्ष में टीम की मेहनत से पार्टी के सभी आयोजन रहे सफल: अमित गोयल

जयपुर भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में अमित गोयल ने दूसरी खबर के संपादक विजय श्रीवास्तव से बातचीत में अपने एक वर्ष के कार्यकाल को लेकर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी अपनी टीम को एक परिवार की तरह एकजुट रखना थी, जिसमें वे सफल रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं में टीमवर्क की भावना विकसित की और सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश की।

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गोयल ने बताया कि पिछले एक वर्ष में उन्होंने लगभग पूरा समय संगठन को समर्पित किया। केवल एक-दो दिन ही पारिवारिक कारणों से बाहर रहे, शेष समय वे पार्टी और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे। उनका कहना था कि जयपुर में आयोजित सभी प्रमुख कार्यक्रमों की सफलता का श्रेय उनकी टीम को जाता है, क्योंकि टीम ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता स्वयं को जिलाध्यक्ष मानकर काम करे। इसी सोच के साथ टीम ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर लगभग ढाई हजार महिलाओं को पार्टी से जोड़ापहली बार 100 महिला संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया। इसके अलावा बिरसा मुंडा जयंती, वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन और ऑपरेशन सिंदूर के बाद तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रम भी किए गए।

एक वर्ष का मूल्यांकन: कैसा रहा प्रदर्शन?

यदि उनके पहले साल को समग्र रूप से देखा जाए तो संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और चुनावी तैयारियों को प्राथमिकता देना सकारात्मक पक्ष रहा। वहीं, कार्यकारिणी सूची विवाद उनके कार्यकाल की प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आया।

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कुल मिलाकर, अमित गोयल रिपोर्ट कार्ड में संगठनात्मक सक्रियता को प्रमुख उपलब्धि माना जा रहा है, जबकि आंतरिक प्रबंधन में सुधार की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।

क्या है भाजपा जयपुर जिला अध्यक्ष अमित गोयल का विजन

  1. अपने शेष कार्यकाल के लक्ष्य पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उनका उद्देश्य जयपुर में भाजपा संगठन को और अधिक सशक्त बनाना है।
  2. उन्होंने कहा कि उनका हर कदम पार्टी के सिद्धांतों और जनसेवा को समर्पित रहेगा। आने वाले समय में वे 18 प्रकोष्ठों में लगभग 1800 लोगों की नियुक्ति करने की योजना बना रहे हैं। उनका प्रयास रहेगा कि समाज के हर वर्ग को संगठन से जोड़कर न केवल पार्टी को मजबूती दी जाए, बल्कि व्यापक सामाजिक विकास भी सुनिश्चित किया जाए।
  3. गोयल ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य नई पीढ़ी को पार्टी से जोड़ना है, ताकि संगठन को नई ऊर्जा और दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

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जिला अध्यक्ष के रूप में प्रमुख उपलब्धियां

  1. अमित गोयल ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत 54 जरूरतमंद परिवारों को रोजगार से जोड़ने की पहल की। उनकी योग्यता के अनुसार उन्हें ठेले, रिक्शा, वेल्डिंग मशीन, वेट मशीन सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
  2. इसके साथ ही जयपुर में पहली बार जिला अध्यक्ष के लिए एक स्थायी कार्यालय की स्थापना भी उनके कार्यकाल की अहम उपलब्धि रही, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके।

कार्यकारिणी सूची विवाद ने बढ़ाई चुनौती

अगस्त 2025 में जयपुर शहर भाजपा की नई कार्यकारिणी सूची जारी करते समय विवाद खड़ा हो गया। सूची में 34 नेताओं के नामों के साथ उनके सिफारिशकर्ताओं का उल्लेख किए जाने से पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई। यह मामला चर्चा का विषय बना और आलोचना के बाद सूची को वापस लेने का निर्णय लिया गया। हालांकि, इस प्रकरण को संगठनात्मक अनुभव की कसौटी के रूप में भी देखा गया, जहां नेतृत्व को त्वरित निर्णय लेने की चुनौती का सामना करना पड़ा।

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संगठन सशक्तिकरण पर रहा जोर:-

बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने की पहल

अपने कार्यकाल के दौरान भाजपा जयपुर जिला अध्यक्ष के रूप में अमित गोयल ने संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने शहर में बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को व्यवस्थित करने पर फोकस रखा। नगर निगम सहित भविष्य के चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक बैठकों और संवाद कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रखा गया।

कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद

गोयल ने अपने कार्यकाल में कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा। पार्टी कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय उपस्थिति और संगठनात्मक समन्वय को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा गया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका पहला वर्ष संगठनात्मक संतुलन और कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति पर आधारित रहा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और वैचारिक आधार

अमित गोयल प्रोफाइल पर नजर डालें तो उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर भाजपा संगठन तक पहुंचा है। आरएसएस से जुड़ाव और पार्टी प्रवक्ता के रूप में अनुभव ने उन्हें संगठन की रणनीति और विचारधारा की गहरी समझ दी।

जयपुर शहर जैसे राजनीतिक रूप से सक्रिय जिले में नेतृत्व संभालना आसान नहीं माना जाता, ऐसे में उनका पहला वर्ष संगठनात्मक मजबूती की दिशा में प्रयासों के लिए जाना गया।

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