स्वामी विवेकानंद जयंती पखवाड़ा: नशे से दूर रहकर युवा बनाएं भारत को विश्व शक्ति

स्वामी विवेकानंद जयंती पखवाड़ा: नशे से दूर रहकर युवा बनाएं भारत को विश्व शक्ति

राजस्थान विश्वविद्यालय में विवेकानंद जयंती समारोह, युवाओं को दिया गया आत्मनिर्भरता का संदेश

स्वामी जी के 5 महामंत्रों से सफलता का रास्ता आसान: डॉ. रमेश गांधी

रील हीरो नहीं, रियल हीरो बनें युवा: प्रो. अल्पना कटेजा

जयपुर,dusrikhabar.com। स्वामी विवेकानंद जयंती पखवाड़े के अंतर्गत युवा संस्कृति एवं राजस्थान युवा छात्र संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में भव्य जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहकर आत्मविश्वास, चरित्र और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. अल्पना कटेजा और विशिष्ट अतिथि डब्ल्यूएचओ सिविल सोसाइटी कमीशन वर्किंग ग्रुप के सदस्य एवं गांधी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रमेश गांधी रहे।

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भारत को विश्व शक्ति बनाने की कुंजी युवा शक्ति

समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. अल्पना कटेजा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 19वीं सदी में ही भारत के विश्व शक्ति बनने का सपना देखा था। आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यदि युवा स्वामी जी के आदर्शों को जीवन में अपनाएं, तो यह सपना अवश्य साकार होगा।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में युवाओं को ‘रील हीरो’ की बजाय ‘रियल हीरो’ स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श बनाना चाहिए। प्रो. कटेजा ने चिंता जताई कि कुछ ताकतें नशे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जरिए युवाओं को भ्रमित कर रही हैं, जिससे भारत की प्रगति बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा, “गरीब वह नहीं जिसकी जेब खाली है, गरीब वह है जिसकी आंखों में सपने और जीवन में लक्ष्य नहीं है।”

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डॉ रमेश गांधी जयपुर में स्वामी विवेकानंद जयंती

स्वामी विवेकानंद के 5 महामंत्रों से सफलता संभव

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. रमेश गांधी ने स्वामी विवेकानंद द्वारा बताए गए सफलता के 5 महामंत्र युवाओं के सामने रखे: लक्ष्य, एकाग्रता, आत्मविश्वास, निडरता, चरित्र निर्माण और सेवा। डॉ. गांधी ने अपने जीवन का प्रेरक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1997 में रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी के कारण डॉक्टरों ने उन्हें छह महीने बिस्तर पर रहने की सलाह दी थी। इसी दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद का साहित्य पढ़ा और विचारों से मिले आत्मबल के कारण वे डेढ़ महीने में ही खड़े हो गए

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उन्होंने जोश भरते हुए कहा कि 61 वर्ष की उम्र में भी वे रोज 500 बार रस्सी कूदते हैं, जो आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति का प्रमाण है।

पखवाड़ा भर होंगे शैक्षणिक और वैचारिक आयोजन

इस अवसर पर डॉ. रमेश गांधी द्वारा तैयार किया गया स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित ऑडियो उद्बोधन भी प्रस्तुत किया गया, जिसका अंग्रेजी संस्करण पहले ही न्यूयॉर्क (अमेरिका) में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लॉन्च किया जा चुका है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में धर्मवीर कटेवा (समाजसेवी) और महेश शर्मा (पूर्व निदेशक रोजगार कार्यालय) भी उपस्थित रहे। संस्था के अध्यक्ष जगदीश सोमानी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जयंती पखवाड़े के दौरान जयपुर के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में गोष्ठी, वाद-विवाद, भाषण और अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनका उद्देश्य विवेकानंद जी के विचारों और उद्देश्यों को युवाओं तक पहुंचाना है।

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कार्यक्रम में डॉ. राजेश शर्मा, अरविंद कौशिक, डॉ. दिलीप सारन, महेंद्र शर्मा, प्रमोद कुमावत, शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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