
RTDC को मिली संजीवनी, 15 साल बाद 8 करोड़ के मुनाफे से नया सूर्योदय…!
प्रोफिट का श्रेय एमडी रुकमणि रियाड़ का शुभागमन और कर्मचारियों की मेहनत को
राजस्थान ट्यूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन फिर से लौटा मुख्यधारा में
कर्मचारियों-अधिकारियों में जागी उम्मीद की किरण
15 साल बाद लगभग सभी यूनिट्स ने दिया अपना बेहतरीन रिजल्ट
कभी बंद होने की कगार पर, अब करोड़ों का प्राेफिट, विभाग को नई ‘लाइफ लाइन’
ऊर्जावान अधिकारियों का वित्त वर्ष खत्म होने से पहले मुनाफा 10 करोड़ करने का दावा
पिछले10 महीनों में विभाग को हुआ 23 लाख 69हजार का शुद्ध लाभ
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर। लंबे समय तक सरकार पर वित्तीय बोझ माने जा रहे RTDC (राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) ने दो दशकों बाद उल्लेखनीय वापसी करते हुए करीब 8 करोड़ रुपये के लाभ का आंकड़ा छू लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह उपलब्धि न केवल आर्थिक सुधार का संकेत है, बल्कि RTDC के लिए एक नई लाइफ लाइन साबित हो रही है। इस आर्थिक लाभ से RTDC को मानो जैसे कोई संजीवनी मिल गई है। इस खबर से पूरे विभाग में नए उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। विभाग के ऐसे कर्मचारी जो अपनी मेहनत का 100 फीसदी RTDC को संवारने में दे रहे थे उनकी आंखों में एक खास चमक साफ देखी जा सकती है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक हालात ऐसे थे कि सरकार के स्तर पर RTDC को बंद करने का निर्णय तक हो चुका था लेकिन कुछ संघर्षरत कर्मचारियों और अधिकारियों की हार न मानने की जिद ने एक मौका और लेकर ये बात साबित कर दी है कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। और आज जो नई संजीवनी से RTDC में चमक है उसने पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है।
एमडी की गाइडलाइन और टीम वर्क का असर
RTDC एमडी रुकणमि रियाड़ के विभाग में शुभागमन और कुशल नेतृत्व ने संस्थान को नई दिशा दी है। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि एमडी का आगमन विभाग के लिए “शुभ संकेत” साबित हुआ। रणनीतिक निर्णय, खर्चों पर नियंत्रण और यूनिट्स की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष फोकस रहा, हालांकि उनकी व्यस्तता रही फिर भी एमडी की गाइडलाइन में विभाग आज फिर से अपने सर्वोच्च शिखर की ओर बढ़ रहा है।
विभागीय कर्मचारी इस सफलता का श्रेय शीर्ष नेतृत्व और टीम वर्क को दे रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इसी तरह संचालन में पारदर्शिता और समर्पण बना रहा, तो आने वाले वर्षों में RTDC पर्यटन क्षेत्र में और मजबूत स्थिति हासिल कर नए रिकॉर्ड्स बनाएगा।

रुक्मणि रियार, प्रबंध निदेशक, RTDC
“राजस्थान ट्यूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक रुक्मणि रियाड़ ने RTDC के कर्मचारियों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि RTDC लगभग 15 वर्ष बाद प्रोफिट में आया है।
इससे कॉर्पोरेशन में पूरी तरह ऊर्जा और उत्साह का माहौल है। कॉर्पोरेशन के प्रोफिट में आने के पीछे विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की मेहतन और अटूट विश्वास है जिससे RTDC को एक नई संजीवनी मिली है।”– रुक्मणि रियार, प्रबंध निदेशक, RTDC
बंद होने की कगार से मुनाफे तक का सफर
RTDC का गठन 1979 में हुआ था और इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान के पर्यटन ढांचे को मजबूत करना है। यह निगम राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल, मोटल, रेस्टॉरेंट, पैकेज टूर, मनोरंजन, फेस्टिवल और पर्यटक सुविधाएं प्रदान करता है।
सूत्रों की मानें तो पिछली सरकार में मुख्यमंत्री स्तर तक RTDC को बंद करने पर विचार हो चुका था। लगातार घाटे और सीमित संचालन के कारण इसे सरकार पर आर्थिक बोझ के रूप में देखा जा रहा था।
राजस्थान सरकार के स्वामित्व वाली यह संस्था पर्यटन ढांचे को बढ़ाने, बजट लॉजिंग, पैकेज टूर, होटल, मोटल, रेस्टॉरेंट और अन्य सेवाओं के संचालन के माध्यम से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देती है। इसके अलावा RTDC इंडियन रेलवे के साथ मिलकर Palace on Wheels जैसी लक्ज़री ट्रेनों का संचालन भी करता है।
पिछले वर्षों की बात करें तो RTDC कई चुनौतियों से जूझती रही है—घाटे में चलती इकाइयों, संचालन में समस्याओं और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच RTDC में संघर्ष चलता रहा। इस हाल ही में सरकारी प्रयासों, नवाचार और प्रबंधन सुधारों के कारण हाल के वित्त वर्ष में यह स्थिति बदलती दिख रही है।
हालांकि इसका ज्यादा श्रेय विभाग में कार्यरत कुछ समर्पित अधिकारियों और कर्मचारियों जिन्हें विभागीय लोग “कर्ण” की संज्ञा दे चुके हैं के प्रयासों से हालात बदले हैं। उनकी रणनीतिक कार्यशैली, संसाधनों के बेहतर उपयोग और संचालन में सुधार के कारण राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया।

RTDC की इन सेवाओं के बेहतर प्रबंधन से बढ़ा मुनाफा
-
बजट-लॉजिंग सुविधाएं
-
त्योहारों के दौरान टेंटेड गांव आधारित सेवाएं
-
बोटिंग तथा पर्यटन केंद्र
-
विविध रेस्टॉरेंट और कैफेटेरिया
-
इवेंट्स
-
आउटसोर्स कैटरिंग
-
ट्रांसपोर्ट सर्विस
26 यूनिट्स सक्रिय, बढ़ रहा राजस्व
वर्तमान में RTDC की करीब 26 यूनिट्स संचालन में हैं, जो पर्यटन सेवाओं के जरिए राजस्व सृजन कर रही हैं। होटल, मोटल और पर्यटन सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन ने आय में बढ़ोतरी की है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी वित्त वर्ष समाप्त होने में लगभग दो महीने शेष हैं और मौजूदा रुझान को देखते हुए लाभ का आंकड़ा बढ़कर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह बदलाव पर्यटन क्षेत्र में RTDC की पुनर्स्थापना का संकेत माना जा रहा है।
इनका रहा बेहतरीन प्रदर्शन
राजस्थान ट्यूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की फिलहाल 26 यूनिट्स कार्यरत हैं। इसमें जयपुर के होटल गणगौर पूरे प्रोफिट और बिजनेस में सर्वाधिक है। होटल के कर्मचारियों और विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग के MD की एमडी रुक्मणि रियाड़ के मार्गदर्शन और गणगौर होटल के मैनेजर तेज सिंह की दूरदर्शिता से ऐसा संभव हो पाया है। ऐसा नहीं है कि अन्य यूनिट्स में काम कम हुआ है लेकिन कुछ यूनिट्स में प्रोफिट काफी हुआ है जिससे बाकी के घाटे को पाटा जा सका है।
RTDC की टाॅप 10 यूनिट्स जिनकी आय सर्वाधिक रही
- जयपुर की गणगौर होटल प्रोफिट और इनकम दोनों में शीर्ष स्थान पर है, गणगौर की अकेले की आय 18 करोड़ रुपए रही है।
- दूसरे नम्बर पर जयपुर के ही नाहरगढ़ स्थित पड़ाव रेस्टोरेंट की आय करीब 5 करोड़ 21 लाख 63हजार
- तीसरे नम्बर पर उदपुर की होटल कजरी 3 करोड़ 82लाख 27हजार
- चौथे नम्बर जोधपुर की होटल घूमर 3 करोड़ 1लाख 12 हजार,
- पांचवें नम्बर पर अलवर की होटल सिलीसेढ़ 2 करोड़ 56 लाख 66 हजार
- छठे नम्बर पर जयपुर की ट्रांसपोर्ट यूनिट 2 करोड 23 लाख 91हजार,
- सातवें नम्बर पर अजमेर की होटल अजमेयमेरू 1 करोड़ 49लाख 70हजार,
- आठवें नम्बर पर चित्तौड़गढ़ की होटल पन्ना 1 करोड 32लाख 38हजार
- नवें नम्बर पर जयपुर की होटल तीज 1 करोड 22लाख 26 हजार,
- दसवें नम्बर पर जैसलमेर की होटल मूमल 1 करोड 9लाख 24 हजार की आय के साथ टॉप 10 में शामिल हैं।
पर्यटन सेक्टर को मिलेगा संबल
विशेषज्ञों का मानना है कि RTDC के फायदे में आने से राज्य के पर्यटन ढांचे को मजबूती मिलेगी। इससे न केवल सरकारी संस्थान पर आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि पर्यटन उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। दो दशक बाद मुनाफे में लौटा RTDC अब प्रदेश के पर्यटन विकास में नई ऊर्जा के साथ योगदान देने की स्थिति में है।
