
RCDF का स्वर्ण युग… कोटा को जल्द अत्याधुनिक पशु आहार संयंत्र की सौगात
कोटा को मिलेगा अत्याधुनिक पशु आहार संयंत्र
150 मैट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता से बदलेगा हाड़ौती का पशुपालन परिदृश्य
जापान की JICA के सहयोग से 71.22 करोड़ की बड़ी परियोजना
सरस ब्रांड के रिकॉर्ड उत्पादन से पहले ही मजबूत है आरसीडीएफ
विजय श्रीवास्तव,
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कोटा जिले में जल्द ही एक अत्याधुनिक पशु आहार संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे 1 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सहकारी डेयरियों से जुड़े पशुपालकों के उत्थान की प्रतिबद्धता के तहत बजट घोषणा 2024-25 में इस परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह संयंत्र न केवल आधुनिक तकनीक से लैस होगा, बल्कि पूरे हाड़ौती अंचल में पशुपालन और डेयरी विकास को नई दिशा देगा।
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भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगा संयंत्र
प्रस्तावित पशु आहार संयंत्र की प्रारंभिक क्षमता 150 मैट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे भविष्य में दोगुना किया जा सकेगा। इस परियोजना के तहत 25 मैट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का बायपास प्रोटीन फीड प्लांट, 12 मैट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का मिनरल मिक्सचर प्लांट और कच्चे माल के भंडारण के लिए 2000 मैट्रिक टन क्षमता की साइलो प्रणाली विकसित की जाएगी।
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इस संपूर्ण परियोजना पर 71.22 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) द्वारा यह संयंत्र जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।
स्टेट-ऑफ-द-आर्ट तकनीक से होगी गुणवत्ता की सटीक जांच

आरसीडीएफ प्रबंधक एवं प्रशासक श्रुति भारद्वाज
आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि यह संयंत्र पूरी तरह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट तकनीक से लैस होगा। इसमें मक्का और चावल के लिए स्वचालित साइलो, स्वचालित बायपास प्रोटीन फीड प्लांट, मिनरल मिक्स प्लांट और क्लाउड आधारित ERP इंटीग्रेशन सिस्टम से युक्त एक उच्च तकनीकी प्रयोगशाला शामिल होगी।
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उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में मक्का, चावल, ग्वार, गुड़, सरसों के केक और तैयार पशु आहार की गुणवत्ता की सटीक, त्वरित और पारदर्शी जांच की जाएगी। बायपास प्रोटीन फीड पशुओं के पाचन तंत्र से बिना टूटे आंत तक पहुंचकर दूध की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा, जबकि मिनरल मिक्स फीड आवश्यक खनिज और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान कर पशुओं के स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा प्रणाली और वृद्धि को बेहतर बनाएगा।
राज्य के सातों संयंत्रों में रिकॉर्ड उत्पादन और मुनाफा
श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राजस्थान में पहले से ही जयपुर (कालाडेरा), पाली, जोधपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा (लम्बियाकलान) में कुल 7 पशु आहार संयंत्र संचालित हैं। इनसे प्रतिदिन लगभग 1800 मैट्रिक टन पशु आहार का उत्पादन हो रहा है।
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सरस ब्रांड के उच्च गुणवत्ता वाले पशु आहार की भारी मांग के चलते सभी संयंत्रों में क्षमता से अधिक उत्पादन कर आपूर्ति की जा रही है। पिछले दो वर्षों में पशु आहार की बिक्री में रिकॉर्ड 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में राज्य भर में प्रति माह लगभग 50,000 मैट्रिक टन पशु आहार का उत्पादन और वितरण हो रहा है। उल्लेखनीय है कि सरस ब्रांड राज्य में सबसे अधिक बिकने वाला पशु आहार है और आरसीडीएफ के सभी संयंत्र इस समय रिकॉर्ड लाभ की स्थिति में हैं।
कोटा में प्रस्तावित यह नया पशु आहार संयंत्र पशुपालन और डेयरी विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक अहम और दूरगामी कदम माना जा रहा है।
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