
माटी कलाकारों के लिए सरकार की बड़ी पहल, जयपुर के बिचून में बनेगा माटीकला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से माटी कला को मिली नई पहचान
5,000 विद्युत चालित चाक और मशीनों का होगा वितरण
माटी कलाकारों के बनाए जाएंगे आर्टिजन कार्ड
‘माटी के लाल’ पुरस्कार से 45 कलाकार हुए सम्मानित
मिट्टी के बर्तनों को बढ़ावा देने के लिए होंगे मेले और प्रदर्शनियां
जयपुर,dusrikhabar.com। राजस्थान में माटी कला को नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जयपुर के बिचून औद्योगिक क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस माटीकला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इस सेंटर के माध्यम से प्रदेश के माटी कलाकारों को आधुनिक तकनीक, डिजाइनिंग और उत्पादन संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने उद्योग भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणाओं से माटी कला को नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि बोर्ड को पिछले दो वर्षों में पिछले दस वर्षों की तुलना में अधिक बजट मिला है, जिससे विभिन्न योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।
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आर्टिजन कार्ड के लिए लगाए जाएंगे शिविर
प्रदेशभर के माटी कलाकारों और कामगारों के लिए आर्टिजन कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड की ओर से विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इससे कलाकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी और उनकी पहचान एक संगठित कारीगर वर्ग के रूप में स्थापित होगी।
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5 हजार विद्युत चालित चाक और मशीनें बांटी जाएंगी
राज्य बजट 2026-27 के तहत 5,000 विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनों का वितरण किया जाएगा। इससे माटी कला उद्योग में उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी। बोर्ड ने इस वर्ष 100 प्रशिक्षकों को तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए कलाकारों को राज्य से बाहर विशेष प्रशिक्षण भी दिलवाया जाएगा। पिछले वर्ष 25 कलाकारों को उत्तर प्रदेश के खुर्जा में ट्रेनिंग दी गई थी।
श्रीयादे माता पैनोरमा से समाज में उत्साह
प्रहलाद राय टाक ने प्रजापत-कुम्हार समाज की कुलदेवी श्रीयादे माता का पैनोरमा बनाए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से समाज और माटी कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का हुआ विमोचन
मुख्यमंत्री द्वारा ‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन किया गया है, जिसमें बोर्ड के दो वर्षों के कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा प्रदेश की विभिन्न माटी कला विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 45 कलाकारों को ‘माटी के लाल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मिट्टी के बर्तनों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान
बोर्ड द्वारा मिट्टी के बर्तनों के उपयोग और उनके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए माटीकला मेले और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही उद्योग भवन में बनने वाली ‘एक जिला-एक उत्पाद’ वॉल में भी माटी कला उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के बाद श्रीयादे माटी कला बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक और उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने उद्योग भवन परिसर में परिण्डे लगाए और प्रदेशवासियों से भी पक्षियों के लिए परिण्डे लगाने की अपील की।
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