
जयपुर में ARCH कॉलेज में Erasmus+ अंतरराष्ट्रीय Co-LIFE कार्यशाला शुरू
Erasmus+ परियोजना के तहत भारत-यूरोप सहयोग को नई मजबूती, जयपुर बना अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र
इम्पैक्ट-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप को पाठ्यक्रमों से जोड़ने पर जोर, 8 अंतरराष्ट्रीय संस्थान शामिल
50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, उद्योग भागीदारों के साथ फील्ड विज़िट और समाधान-आधारित सीख
जयपुर,dusrikhabar.com। ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस ने अपने जयपुर परिसर में Erasmus+ कार्यक्रम के अंतर्गत Co-LIFE (Co-designing Learning for Impact-focused Entrepreneurship) परियोजना की 5-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पायलट-2 कार्यशाला का भव्य उद्घाटन किया। यह कार्यशाला 27 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है और इसका उद्देश्य इम्पैक्ट-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप (IFE) को अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों में प्रभावी रूप से शामिल करना है।
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सुनिए क्या कहा निदेशक आर्च अकेडमी, अर्चना सुराणा ने:-
भारत-यूरोप सहयोग को मजबूती देता Co-LIFE प्रोजेक्ट
उद्घाटन समारोह के दौरान ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस की संस्थापक एवं निदेशक अर्चना सुराणा ने परियोजना से जुड़े आठ अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इनमें LAB यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (फ़िनलैंड), लॉरिआ यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (फ़िनलैंड), आरहूस यूनिवर्सिटी (डेनमार्क), थॉमस मोर यूनिवर्सिटी ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज़ (बेल्जियम), गोवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, इंडियन स्कूल ऑफ़ डेवलपमेंट मैनेजमेंट (ISDM), इकोल इंट्यूट लैब और मेज़बान ARCH कॉलेज ऑफ़ डिज़ाइन एंड बिज़नेस शामिल हैं।
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77वें गणतंत्र दिवस में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक
26 जनवरी को ARCH परिसर में आयोजित भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भी सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सहभागिता सांस्कृतिक आदान-प्रदान, साझा मूल्यों और वैश्विक सहयोग का सशक्त उदाहरण बनी।
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आर्च अकेडमी, निदेशक, अर्चना सुराणा
डिज़ाइन शिक्षा को सामाजिक व व्यावसायिक प्रभाव से जोड़ने का प्रयास
इस अवसर पर अर्चना सुराणा ने कहा कि Co-LIFE पायलट-2 भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच सहयोग को और मज़बूत करता है। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से सीखने, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम डिज़ाइन शिक्षा को अधिक उपयोगी, व्यावहारिक और प्रभाव-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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जयपुर में आयोजन, Co-LIFE प्रोजेक्ट के भारत चरण की बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली, मुंबई और गोवा में सफल आयोजनों के बाद जयपुर में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन Co-LIFE प्रोजेक्ट के भारत चरण की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह आयोजन जयपुर को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
‘लर्निंग बाय डेवलपिंग’ मॉडल पर आधारित कार्यशाला
इस कार्यशाला में यूरोप और भारत से लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, जिनमें विशेषज्ञ कोच, वरिष्ठ शिक्षाविद और छात्र शामिल हैं, भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम Learning by Developing (LbD) पद्धति पर आधारित है, जो वास्तविक चुनौतियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देती है।

उद्योग साझेदारों के साथ फील्ड विज़िट और समाधान-आधारित गतिविधियां
जयपुर रग्स, नीरजा इंटरनेशनल, जयपुर ब्लॉक और कल्पना हैंडमेड पेपर्स जैसे उद्योग साझेदारों के साथ किए गए रणनीतिक MoUs के तहत छात्र स्थिरता, सामाजिक प्रभाव और विरासत-आधारित उद्यमिता पर केंद्रित फील्ड विज़िट्स और सहयोगात्मक समस्या-समाधान गतिविधियों में भाग लेंगे।
31 जनवरी को समापन, पैनल चर्चा और छात्र प्रस्तुतियां
Co-LIFE पायलट-2 कार्यशाला का समापन 31 जनवरी 2026 को उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा और अंतिम छात्र प्रस्तुतियों के साथ होगा, जिसमें कार्यक्रम के दौरान विकसित किए गए नवोन्मेषी और प्रभाव-आधारित समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे।
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